सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Adani Ports Growth: अदाणी पोर्ट्स को मिली अब तक की सबसे ज्यादा बढ़त, 9 फीसद ग्रोथ से तोड़े सारे रिकॉर्ड

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Wed, 05 Apr 2023 05:55 PM (IST)

Adani Port Cargo Growth अदाणी पोर्ट के ग्रोथ में जबरदस्त ग्रोथ देखी गई है। कंपनी ने 9 प्रतिशत की बढ़त ...और पढ़ें

Adani Ports ends FY23 with 9 pc growth, largest port cargo
Adani Ports ends FY23 with 9 pc growth, largest port cargo

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। अदाणी समूह (Adani Group) के अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के समाप्त होने के साथ ही जबरदस्त बढ़त की है। कंपनी ने बंदरगाहों पर कार्गो संचालन में नौ प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो अब तक का सबसे बड़ा पोर्ट कार्गो वॉल्यूम है।

एपीएसईजेड ने एक बयान में कहा कि 33.9 करोड़ टन का यह अब तक का सबसे बड़ा बंदरगाह कार्गो है। फर्म ने मार्च में कुल कार्गो का लगभग 32 मिलियन टन संभाला, जो साल-दर-साल के आधार पर 9.5 प्रतिशत अधिक था, जबकि 11 बंदरगाह कुल पोर्ट वॉल्यूम का 25 प्रतिशत संचालित करते हैं। जुलाई 2022 के बाद यह पहली बार है जब वॉल्यूम 30 मिलियन टन के आंकड़े को पार कर गया है।

देश का सबसे बड़ा बंदरगाह संचालक

भारत में APSEZ द्वारा संचालित कुल कंटेनर वॉल्यूम 8.6 मिलियन TEU (बीस-फुट समतुल्य इकाई) तक बढ़ गया। इससे साल-दर-साल के आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसमें गुजरात के मुंद्रा पोर्ट से अकेले 6.6 मिलियन TEU शामिल हैं। APSEZ ने 6,573 जहाजों, 40,482 सर्विस्ड रेक और ट्रकों, ट्रेलरों और टैंकरों के 48,89,941 यूनिट्स को डॉक किया। वित्तीय वर्ष के दौरान 155 मिलियन टन कुल कार्गो के साथ मुंद्रा भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह बना हुआ है।

अदाणी पोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों से लगातार अपनी बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रहा है, भारत के सभी कार्गो वॉल्यूम में वृद्धि को मात दे रहा है। एपीएसईजेड के सीईओ करण अदाणी ने कहा, "कार्गो वॉल्यूम में सुधार हमारे ग्राहकों के हम पर विश्वास का प्रमाण है।"

लॉजिस्टिक्स बिजनेस सेगमेंट में भी रिकॉर्ड

बंदरगाह कार्गो में रिकॉर्ड दर्ज करने के आलवा, लॉजिस्टिक्स बिजनेस सेगमेंट में भी रिकॉर्ड दर्ज की गई। कंटेनर रेकों ने 500,000 टीईयू (24 प्रतिशत वृद्धि) को पार करते हुए एक नया मील का पत्थर हासिल किया, जबकि बल्क कार्गो का परिवहन 14 मिलियन टन से अधिक हो गया। इस तरह इसमें 62 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है।