नई दिल्ली, पीटीआइ। अडाणी प्रोपर्टीज, सुरक्षा एसेट रिकंस्ट्रक्शन और सनटेक रियलिटी सहित छह कंपनियों ने कर्ज में डूबी HDIL के अधिग्रहण में दिलचस्पी दिखायी है। इन कंपनियों ने दिवाला प्रक्रिया के तहत HDIL के अधिग्रहण को लेकर अपनी रुचि जाहिर की है। शेयर बाजार को यह जानकारी दी गई है। अडाणी प्रोपर्टीज और सुरक्षा ग्रुप ने जेपी इंफ्राटेक के दिवाला प्रक्रिया में भी हिस्सा लिया था। हालांकि, आखिर में सरकारी स्वामित्व वाली NBCC ने इस कंपनी का अधिग्रहण किया था।  हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) ने शेयर बाजार को संभावित आवेदकों की अस्थायी सूची भेजी है। 

दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत कंपनी के अधिग्रहण के लिए फरवरी में आशय पत्र (EOI) आमंत्रित किए गए थे। बाद में कई मौकों पर इसके लिए निर्धारित समयसीमा को बढ़ाया गया था। 

कंपनी ने अपनी फाइलिंग में कहा है, ''EOI प्रस्तुत करने की समयसीमा 31 जुलाई, 2020 को समाप्त हुई। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को छह इच्छुक पक्षों से EOI प्राप्त हुए हैं।''

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इंटरनेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी, एन एस सॉफ्टवेयर और हर्षवर्धन रेड्डी ने भी EOI प्रस्तुत किया था लेकिन वे पात्र नहीं पाए गए। 

इंटरनेशनल एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी ने आईबीसी की धारा 29A के तहत निर्दिष्ट प्रारूप के अंतर्गत अंडरटेकिंग प्रस्तुत नहीं किया है। अगर कंपनी 8 अगस्त तक इस दस्तावेज को प्रस्तुत कर देती है तो वह भी पात्र कंपनी हो जाएगी। NS Software और हर्षवर्धन रेड्डी न्यूनतम नेट वर्थ या एसेट अंडर मैनेजमेंट या कमिटेड फंड जैसी अहर्ताओं पर खरे नहीं उतर सके।  

कंपनी ने कहा है कि अस्थायी लिस्ट को जारी किए जाने के पांच दिन के भीतर यानी की आठ अगस्त, 2020 तक जरूरी दस्तावेज के साथ इस लिस्ट को लेकर आपत्ति जाहिर की जा सकती है। रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को अगर कोई आपत्ति प्राप्त होती है तो उस पर विचार के बाद संभावित समाधान आवेदकों की अंतिम सूची जारी की जाएगी। 

रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल अभय एन मनुधने कंपनी से जुड़े मामलों, बिजनेस और परिसंपत्तियों को मैनेज कर रहे हैं। मनुधने की नियुक्ति नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मुंबई पीठ ने 20 अगस्त, 2019 को की थी। 

HDIL के प्रवर्तक राकेश और सारंग वाधवन कई करोड़ रुपये के PMC Bank घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर फिलहाल जेल में हैं। 

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