नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। सभी चाहते हैं कि उसका अपना घर हो, लेकिन घर खरीदने के लिए कई बार पूरे पैसे नहीं होते जिससे होम लोन लेना पड़ता है। होम लोन से टैक्स बचाने में मदद मिलती है। हालांकि, कई बार होम लोन लेने के बाद EMI भरना मुश्किल हो जाता है। EMI भरना तब और मुश्किल हो जाता है जब नियमित आय नहीं होती या किसी वजह से आय बंद हो जाती है। होम लोन के मूलधन के भुगतान पर आयकर अधिनियम की धारा 80सी के तहत लाभ मिलता है। वहीं, ब्‍याज के भुगतान पर आपको धारा 24बी का लाभ मिलता है। अगर आप होम लोन के बोझ से परेशान हैं तो कुछ बातों पर गौर करके इस बोझ को कम कर सकते हैं। 

ज्यादा भुगतान

जब आप होम लोन लेते हैं, तो आपको आमतौर पर संपत्ति के 80% मूल्य का लोन मिलता है। इसे लोन टू वैल्यू रेशियो भी कहा जाता है। बाकी डाउन पेमेंट जेब से भुगतान करना होता है। जितना अधिक आप उधार लेंगे आपकी ईएमआई उतनी ही बड़ी होगी। इसलिए छोटी ईएमआई के लिए कम उधार लेने और अधिक एडवांस पेमेंट करने का प्रयास करें।

यह भी पढ़ें: चाहते हैं नया PAN Card, घर बैठें करें ऑनलाइन आवेदन, जानिए आसान तरीका

EMI राशि बढ़ाएं

वेतन पाने वाले कर्मचारी सैलरी बढ़ने पर लोन की EMI राशि को बढ़ा सकते हैं। अगर आप हर साल अपनी EMI राशि बढ़ाते हैं तो लोन पीरियड में कमी आएगी, इससे आपका लोन का बोझ कम होगा।

ओवरड्राफ्ट सुविधा

होम लोन पर ब्याज दर कम करने के लिए होम लोन अकाउंट के साथ होम लोन ओवरड्राफ्ट सुविधा का भी विकल्प है। इस सुविधा के जरिये आप अपनी ईएमआई (EMI) के अलावा भी अपने होम लोन अकाउंट में अतिरिक्त पैसे जमा करवा सकते हैं। खाते में जब अतिरिक्त पैसा होगा तब ब्याज के पैसे और लोन की टेन्योर कम हो जाएगी।

EMI की तारीख और वेतन की तारीख

अगर आप अपने EMI की तारीख अपने वेतन की तारीख के आस-पास रखते हैं तो इससे आप EMI भुगतान को लेकर नहीं चूकेंगे। 

बैलेंस ट्रांसफर कर सकते हैं

होम लोन की अवधि के बीच अगर कोई कर्जदाता मिलता है, तो होम लोन को ट्रांसफर किया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखकर आप होम लोन को जल्दी भर सकते हैं।

 

Posted By: Nitesh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस