नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। आज के समय में ऑनलाइन शॉपिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल करते हुए पेमेंट करना काफी आसान हो चुका है। हालांकि इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि इनका इस्तेमाल जितना आसान है ये उतने ही अनसिक्योर भी है। ऑनलाइन फ्रॉड की दिनों दिन बढ़ती घटनाएं इसका सबूत भी हैं। हालांकि अगर आप थोड़ी सी सावधानी बरतें तो इस तरह के इंटरनेट फ्रॉड से आप खुद को बचा सकते हैं। हम अपनी इस खबर के माध्यम से आपको बता रहे हैं कि आप किन 8 विशेष बातों का ख्याल रख खुद का नुकसान बचा सकते हैं।

बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए बरतें सावधानी: नेट बैंकिंग में सिर्फ दो ही चीजें अहम होती हैं। एक आपकी यूजर आईडी और दूसरा आपका पासवर्ड। इन दोनों ही चीजों को लेकर आपको सावधान रहना चाहिए। विशेषकर अपने पासवर्ड को लेकर। कोशिश करें कि इसे हर किसी के साथ साझा न करें और इसे गुप्त ही रखें। साथ ही कोशिश करें कि एक निश्चित समयान्तराल पर अपना पासवर्ड बदलते भी रहें।

हर किसी के सिस्टम से नेटबैंकिंग करने से बचें: आमतौर पर लोग नेटबैंकिंग के दौरान सूझबूझ नहीं दिखाते हैं और किसी के भी सिस्टम से अपने नेट बैंकिंग को लॉग इन कर लेते हैं। ऐसा करना आपके लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। आपको हमेशा अपने ही घर के सिस्टम से नेटबैंकिंग करनी चाहिए। ऑफिस या सायबर कैफे के सिस्टेम से नेट बैंकिंग करने से आपको बचना चाहिए। हैकर्स यूआरएल लिंक के माध्यम से अकाउंट हैक कर सकते हैं।

लालच भरे मेल से रहें सावधान: अक्सर लोगों को बड़ी लॉटरी लगने जैसे मेल आते रहते हैं, जिसमें आपसे अकाउंट नंबर की मांग की जाती है। आपको इनसे सावधान रहना चाहिए इन्हें फिशिंग मेल कहा जाता है। कोशिश करें कि आप ऐसे किसी भी मेल का जवाब न दें जिसमें आप से नेट बैंकिंग की जानकारी, पासवर्ड या फिर सुरक्षा की नजर से जन्म तिथि और मां का मिडल नेम जैसी जानकारियां मांगी जा रही हो।

नेटबैंकिंग के दौरान मालूम होनी चाहिए अपनी लिमिट: अगर आप नेटबैंकिंग का इस्तेमाल करते हैं तो आपको नेट बैंकिंग एकाउंट में खाते की राशि और लेन देन की एक निश्चित सीमा तय करनी चाहिए। साथ ही आप अगर किसी को पैसे ट्रांसफर कर रहे हैं तो यह भी ध्यान रखना चाहिए कि आपने अकाउंट नंबर तो सही डाला है न। ऐसा न होने की सूरत में अगर आपने गलत व्यक्ति को पैसे ट्रास्फर कर दिए तो वो फिर कभी आपको वापस नहीं मिलेंगे। इसमें आप की ही गलती मानी जाएगी।

बैंकिंग अलर्ट से खुद को रखें अलर्ट: नेट बैंकिंग के दौरान बैंकिंग अलर्ट खुद को सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन तरीका है। कोशिश करें कि आप अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल एड्रेस को ट्रांस्जेक्शन से संबंधित अलर्ट्स के लिए रजिस्टर करवाएं। साथ ही बैंक को हर जानकारी अपडेट करते रहें।

मजबूत पासवर्ड सुरक्षा की गारंटी: नेट बैंकिंग के दौरान आसान पासवर्ड रखना घातक हो सकता है क्योंकि हैकर्स के लिए ऐसे पासवर्ड को क्रैक करना आसान होता है। कोशिश करें कि आप अपने पासवर्ड को थोड़ा स्ट्रांग रखें। पासवर्ड बनाने के लिए कभी भी अपनी पर्सनल डिटेल्स का इस्तेमाल करने से बचें। साथ ही पासवर्ड को हर एक महीने में बदलते रहें।

सिस्टम (डेस्कटॉप/ लैपटॉप) में जरूर रखें स्ट्रांग एंटी वायरस: कोशिश करें कि आप अपने सिस्टम में दमदार एंटी वायरस रखें। ऐसा इसलिए क्योंकि हैकर्स आमतौर पर ऐसे ही सिस्टम को अपना निशाना बनाते हैं जिसमें कोई एंटी वायरस न हो। फिशिंग से बचने के लिए आपको यह काम हर हाल में करना चाहिए।

ओटीपी कोड का इस्तेमाल करना बेहतर: वित्तीय लेनदेन के दौरान आपको ओटीपी कोड का इस्तेमाल करना चाहिए। आप जब भी ऐसा पेमेंट करतें हैं तो सबसे पहले आपके मोबाइल पर एक ओटीपी कोड आता है। यह कोड बैंकों की ओर से भेजा जाता है और यह केवल 15 मिनट के लिए वैलिड होता है। यह आपके लेनदेन को सेफ करता है।

Posted By: Praveen Dwivedi