कभी भी हो सकता है बाघ का हमला, डर के साए में जीने को मजबूर वीटीआर के पास रहने वाले ग्रामीण
पश्चिम चंपारण के रामनगर में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास बाघ के हमलों से ग्रामीण दहशत में हैं। हाल ही में मथुरा महतो की बाघ के हमले में मौत हो गई जबकि एक अन्य घटना में भालू ने बकरी चरा रहे बलिराम महतो को घायल कर दिया। वन विभाग की लापरवाही से ग्रामीणों में डर का माहौल है और वे अपने पशुधन और जान-माल को लेकर चिंतित हैं।

संवाद सूत्र,रामनगर। जीतन महतो पर बाघ के हमले की पहली घटना नहीं है। पूर्व में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। वीटीआर (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) के जंगल के समीप रहने वाले ग्रामीणों की जान पर आफत बनी रहती है।हर समय उन्हें डर सताता है कि वे सुबह खेत में जाएंगे तो शाम को लौटेंगे भी या नहीं। वीटीआर की खुली सीमा होने से आए दिन घटनाएं होती हैं।
गोवर्धना थाना क्षेत्र के ही खैरहनी गांव निवास 65 वर्षीय मथुरा महतो पर खेत में सोहनी करने के दौरान 11 अगस्त को बाघ ने हमला कर दिया था। जिससे उनकी मौत हो गई थी। इस महीने यह दूसरी घटना है।
जुलाई में गोबर्धना गांव के बलिराम महतो पर सरेह में बकरी चराने के दौरान भालू ने हमला कर दिया था। जिसमें वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। खैरहनी के ही चंदू महतो पर भी वन्य जीव ने हमला कर जख्मी कर दिया था।
जून में चंपापुर दोन निवासी जीतू उरांव की पत्नी सोनाली देवी खेत में मजदूरी करने गई थी। उसी क्रम में जंगली भैंसा ने हमला कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। जिनका इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
अच्छे ढंग से हुई होती पड़ताल तो नहीं होती घटना
गोवर्धना थाना क्षेत्र के खैरहनी गांव में हुए बाघ के हमले के महज चार दिन बाद 15 अगस्त को डुमरी गांव से पश्चिम सरेह में बाघ के आगमन की सूचना को लेकर शोर मचाया गया था। एक महिला खेत में काम कर रही थी। उसने बाघ को देखा था। जिसके बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल था।
उसके बाद रघिया रेंज कार्यालय के कर्मियों की टीम भी मौके पर पहुंची। लेकिन टी कर्मियों ने इसे अफवाह बताया। जदयू के प्रखंड महासचिव रवि कुमार का कहना है कि अगर इस समय वन विभाग अच्छे तरीके से बाघ का लोकेशन पता किया होता तो, आज यह घटना नहीं होती। बाघ को जंगल में खदेड़ दिया गया होता।
पंचायत के मुखिया और डुमरी गांव निवासी धीरज देवनाथ का कहना है कि आए दिन हो रहे ऐसी घटना से ग्रामीणों में दहशत है। लोग अपने माल मवेशी एवं जान माल को लेकर चिंतित हैं। घटना के बाद से ही लोग खेतों की तरफ अकेले में जाने से डर रहे हैं।
हालांकि घटना के बाद से गोवर्धना थानाध्यक्ष जयकुमार के साथ रघिया रेंज के कर्मियों की टीम स्थल पर पहुंची है। स्थल का मुआयना किया जा रहा है।
11 अगस्त: बाघ के हमले में किसान की मौत, वनकर्मी घायल
गोवर्धना रेंज के घोड़ा घाट खैरहनी गांव के सरेह में 11 अगस्त की सुबह 11 बजे वीटीआर के जंगल से निकले बाघ ने खेत में सोहनी कर रहे खैरहनी निवासी 65 वर्षीय किसान मथुरा महतो पर हमला कर मार डाला।
सूचना पर पहुंचे टाइगर ट्रैकर विजय उरांव पर भी बाघ ने हमला कर घायल दिया। रामनगर पीएचसी में घायल विजय का इलाज चल रहा है। बाद में बाघ को पकड़ लिया गया।
27 अगस्त : मचान पर सो रहे किसान पर तेंदुए ने किया हमला
वीटीआर (वाल्मीकि टाइगर रिजर्व) के वन प्रमंडल दो के मदनपुर वन क्षेत्र के वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन के पास अपने घर के बाहर मचान पर सो रहे 36 वर्षीय किसान प्रकाश बीन पर तेंदुए ने हमला कर उसके दाएं पैर को जख्मी कर दिया। शोर मचाने और ग्रामीणों के आ जाने से किसान की जान बच गई।
28 अगस्त: गन्ने के खेत में छिपे भालू ने किया हमला, किसान घायल
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) हरनाटांड़ वन क्षेत्र अंतर्गत दोन क्षेत्र के जंगल से सटे गन्ने के खेत में छिपे एक भालू ने किसान पर हमला कर दिया। जिससे गोबरहिया थाना क्षेत्र के नरकटिया दोन निवासी खुशराज महतो (40) घायल हो गए। वह रोज़ की तरह खेत में गन्ने की खेत में पहुंचे थे और खेत में लगे घास को हटा रहे थे।
इसके अलावा वीटीआर के मदनपुर वन क्षेत्र के मदनपुर व वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन सहित आसपास के क्षेत्रों में इन दिनों तेंदुए की चहलकदमी तेज हो गई है। तेंदुआ आए दिन पालतू जानवरों को शिकार बना रहा है।
हाल के कुछ दिनों में आधा दर्जन पशुपालकों के पशुओं को अपना शिकार बन चुका है। इससे पशुपालकों में भय है। वे खेत में जाने से डर रहे हैं।
मदनपुर वन क्षेत्र के किसानों ने बताया कि तीन दिनों में तेंदुए ने उनकी 12 बकरियों को शिकार बनाया है। ग्रामीणों ने बताया कि शाम होते ही तेंदुआ मदनपुर चौके पास पहुंच जाता है और रात में घर के अंदर बंधी बकरियों का शिकार कर रहा है।
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