बेतिया में बवाल: पुलिस थाने पर बोला हमला, लाठीचार्ज में एक का सिर फटा; कई महिलाएं घायल
बेतिया के सिरसिया थाने पर सड़क दुर्घटना में घायल युवक की मौत के बाद ग्रामीणों ने हमला कर दिया। सैकड़ों की संख्या में लाठी-डंडों के साथ थाने को घेर लिया और तोड़फोड़ की। पुलिस ने बचाव में लाठीचार्ज किया, जिससे कई लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं। ग्रामीणों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली और एफआईआर दर्ज न होने को लेकर था।

जागरण संवाददाता, बेतिया। सड़क दुर्घटना में मृत चनपटिया थाना क्षेत्र के चुहड़ी गांव निवासी नंदू राम के पुत्र दीपू कुमार (25 वर्ष) का पोस्टमार्टम कराने में पुलिस द्वारा की गई देरी को लेकर बुधवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सिरिसिया थाने में जमकर हंगामा व तोड़फोड़ की।
हालांकि, पुलिस ने पहले आक्रोशित लोगों को समझाने का प्रयास किया। जब वे नहीं माने तो लाठीचार्ज कर दिया। लाठीचार्ज में विनोद बैठा नामक व्यक्ति का सिर फट गया।
भगदड़ में तीन लोग घायल भी हो गए। हालांकि, एसडीपीओ 2 रजनीकांत प्रियदर्शी व ट्रैफिक डीसीएसपी रंजन कुमार सिंह के एक घंटे के समझाने-बुझाने के बाद आक्रोशित ग्रामीण माने और शव को पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल बेतिया भेज दिया गया है। मृतक के पिता नंदू राम के आवेदन पर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है।
21 जून को सड़क दुर्घटना में दो युवक हुए थे घायल
मृतक के पिता ने बताया कि 21 जून को उनका बेटा अपने दोस्त अखिलेश साह, योगेंद्र साह के पुत्र के साथ बाइक से बेतिया से चुहड़ी आ रहा था। जब वे दोनों बाइक से सिरिसिया थाने के आजाद चौक के पास पहुंचे तो एक अन्य बाइक सवार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों घायल हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर 112 पुलिस टीम आई और दोनों को इलाज के लिए राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल भेजा। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने दीपू कुमार को बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। परिजन उसे इलाज के लिए गोरखपुर ले गए, जहां बीती रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

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