बगहा । नेपाल के चितवन नेशनल पार्क से भटककर एक गैंडा वाल्मीकिनगर पहुंच गया है तथा जंगल में अपना आशियाना बना लिया है। नेपाल से आए उक्त गैंडा की निगरानी के लिए वन कर्मियों की टीम को लगाया गया है।

सीएफ एचके राय ने बताया कि दोनों देश के जंगल की खुली सीमा होने के कारण उक्त गैंडा भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर गया है। जिसकी सुरक्षा के लिए वन कर्मियों को सख्त आदेश जारी किया गया है। बताया जाता है कि बीते दिनों उक्त गैंडा नेपाल से भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने के बाद जंगल के रास्ते पिपराकुट्टी गांव के पास गन्ने के खेत में प्रवेश कर गया। गुरुवार की सुबह जब उक्त गांव के राजेंद्र भगत अपने खेत की ओर गए तो गन्ने के खेत से निकल कर हमला बोल दिया। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसकी सूचना मिलने के बाद स्वजनों के द्वारा उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। इधर गैंडा के द्वारा हमले की सूचना मिलने के बाद वाल्मीकिनगर के वन क्षेत्र के कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और जांच की। वीटीआर के जंगल के अंदर विभाग के द्वारा जो सुविधा उपलब्ध कराई गई है और जंगल के पास किसानों के खेतों में लगे गन्ने की मिठास किसानों को लुभा रही। यही कारण है कि नेपाल से कभी गैंडा तो कभी हाथियों का झुंड भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है। नेपाल के अधिकारियों को दी गई जानकारी बता दें कि इसके पहले भी नेपाल से गैंडों का आना-जाना लगा रहता है। एक साल पहले भी गैंडा भारतीय क्षेत्र में आया था जिसे सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर नेपाल के हवाले कर दिया गया था। नेपाल से आए इस गैंडे की जानकारी नेपाल के अधिकारियों को भी दे दी गई है। साथ ही जिस इलाके में उक्त गैंडा अभी भ्रमण कर रहा है उस क्षेत्र में लोगों के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इंसेट

भारतीय जंगल व गन्ने की मिठास कर रही आकर्षित :-

वीटीआर के जंगल के अंदर विभाग के द्वारा जो सुविधा उपलब्ध करायी गई और जंगल के पास-पास किसानों के खेतों में लगे गन्ने की फसल को देख प्रवासी जानवर लुभा जा रहे हैं। यही कारण है कि नेपाल से गैंडा तो कभी हाथियों का झुंड भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जा रहे है। सीएफ के अनुसार वीटीआर के जानवरों के लिए मदनपुर, गनौली व गोबर्धन के जंगलों में ग्रास लैंड का निर्माण कराया गया है। दोनों देशों की खुली सीमा होने के कारण नेपाल के जानवर भारतीय क्षेत्र में आते-जाते रहते है। यहां का वातावरण व जंगल के पास लगे गन्ने की मिठास को नेपाली जानवरों ने चख लिया है। यही कारण कि गन्ने के सीजन में गैंडा सहित हथियां भी भारतीय क्षेत्र में प्रवेश कर जाती है। प्रत्येक साल गेडों का भारतीय क्षेत्र में आते देख विभाग की ओर से उनके आशियाना बनाने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए उक्त तीनों वन क्षेत्र में स्थल को चिन्हित किया गया है।

Edited By: Jagran