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    West Champaran: ठकराहा अंचल कार्यालय में ड्यूटी के दौरान आराम फरमा रहे लिपिक की तस्वीर वायरल

    Updated: Wed, 02 Jul 2025 05:21 PM (IST)

    West Champaran ठकराहा अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक प्रमोद कुमार की ड्यूटी के समय आराम करने वाली तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर इंटरनेट पर वायरल हो रही है। ग्रामीणों ने उन पर दस्तावेज निकालने में देरी और रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। अब विभागीय जांच की मांग उठी है।

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    ठकराहा अंचल कार्यालय के प्रधान लिपिक के वायरल तस्वीर। इंटरनेट मीडिया

     संवाद सूत्र, ठकराहा (पश्चिम चंपारण)। West Champaran: ठकराहा अंचल कार्यालय से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। यह तस्वीर प्रधान लिपिक प्रमोद कुमार की बताई जा रही है। तस्वीर में प्रमोद कुमार सरकारी कार्यालय में ड्यूटी के समय कुर्सी पर आराम करते दिख रहे हैं। उनके पैर मेज पर रखे हुए हैं। चारों ओर फाइलों और दस्तावेजों की ढेर नजर आ रही है। यह तस्वीर इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रही है। हालांकि जागरण इसकी पुष्टि नहीं करता।

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    यहां कार्यालय के कार्य के अलावे भूस्वामियों की जमीन के कागजात को लेकर काम का विशेष दबाव रहता है। वहीं कर्मी पर कार्यालय या लोगो के कार्य का कोई बोझ नहीं दिख रहा है। ग्रामीण अनिल शर्मा का कहना है कि पिछले तीन चार महीने से जरूरी दस्तावेज का नकल निकलने के लिए कार्यालय का चक्कर काटते- काटते थक हार कर घर बैठे गए। लेकिन अभी तक नकल प्राप्त नहीं हुआ।

    ईश्वर तिवारी का कहना है कि तीन माह पहले नकल निकालने के लिए मुझसे चिरकुट फार्म टिकट व खर्च के नाम पर 2000 रुपये प्रधान लिपिक प्रमोद शर्मा ने लिए, लेकिन अभी मुझे नकल प्राप्त नहीं हुआ। छोटे-छोटे कार्य के लिए कई बार अंचल कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार कर्मचारी मौजूद नहीं रहते या उनका रवैया उदासीन होता है।

    ऐसे में प्रमोद कुमार की यह तस्वीर सरकारी कर्मचारियों की सुस्ती और गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को उजागर करती है। प्रधान लिपिक का पद अंचल कार्यालय में अहम होता है। वे जनता से जुड़े काम जैसे भूमि संबंधी मामले, प्रमाण पत्र वितरण और सरकारी योजनाओं के आवेदन देखते हैं। ऐसे में ड्यूटी के समय इस तरह का व्यवहार उनकी कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि वे टैक्स देते हैं ताकि उन्हें समय पर सरकारी सेवाएं मिलें। लेकिन कर्मचारी ड्यूटी के समय आराम करते हैं। यह तस्वीर सरकारी तंत्र की जवाबदेही और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाती है। इस मामले में विभागीय जांच की मांग उठ रही है। लोग चाहते हैं कि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। उच्च अधिकारियों को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। यह तस्वीर सरकारी कार्यालयों में सुधार की जरूरत को साफ दिखाती है। इस बारे में अंचलाधिकारी से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।