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KK Pathak के नए फरमान से स्कूल-कॉलेजों में मची खलबली, अभिभावक और छात्र परेशान

Bihar News आइसा के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु राव ने आरोप लगाया कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को एक अधिकारी चौपट करने पर तुला है और सीएम एवं शिक्षा मंत्री को लग रहा है कि उनका वोट बैंक बढ़ रहा है। पूरे बिहार में मैट्रिक और इंटर पास विद्यार्थी महीनों से सड़क पर भटक रहे हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

By Sandesh Tiwari Edited By: Rajat Mourya Tue, 28 May 2024 07:56 PM (IST)
KK Pathak के नए फरमान से स्कूल-कॉलेजों में मची खलबली, अभिभावक और छात्र परेशान

संवाद सहयोगी, बेतिया। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 11वीं कक्षा के छात्रों के मासिक मूल्यांकन परीक्षा का कैलेंडर जारी कर दिया है। निर्देश है कि मैट्रिक पास होने वाले स्कूल में ही सभी छात्र छात्राओं के लिए 11वीं की मासिक परीक्षा आयोजित की जाएगी।

शिक्षा विभाग के नए निर्देश के बाद प्लस टू स्कूल और इंटर कॉलेजों में खलबली मच गई है, क्योंकि मैट्रिक पास विद्यार्थियों का इंटर में अभी नामांकन ही नहीं हुआ है। बिना नामांकन और बिना पढ़ाई के ही 11वीं की उनकी मासिक परीक्षा के कैलेंडर को लेकर सभी चिंतित है।

छात्र नेताओं और अभिभावकों ने इस आदेश को विभागीय मजाक बताया है। आइसा के जिलाध्यक्ष अभिमन्यु राव ने आरोप लगाया कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को एक अधिकारी चौपट करने पर तुला है और सीएम एवं शिक्षा मंत्री को लग रहा है कि उनका वोट बैंक बढ़ रहा है। पूरे बिहार में मैट्रिक और इंटर पास विद्यार्थी महीनों से सड़क पर भटक रहे हैं। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है।

विभाग के आदेश शिक्षक संघ नाराज

विगत 15 मई को गर्मी छुट्टी के बाद प्रातः कालीन पढ़ाई में छह बजे शिक्षकों को विद्यालय पहुंचने का निर्देश और डेढ़ बजे जाने का आदेश को लेकर शिक्षक नाराज और प्राथमिक शिक्षक संघ बीते 24 मई को सांकेतिक आंदोलन कर चुका है।

अब बिना नामांकन और पढ़ाई के ही 11वीं के विद्यार्थियों की मासिक मूल्यांकन परीक्षा का कैलेंडर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी करने पर जिला माध्यमिक शिक्षक संघ के सचिव रामेश्वर सिंह ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि मैट्रिक पास करने के बाद अगर नामांकन नहीं हुआ है तो यह कैसे तय करेंगे कि हमारे यहां कितने छात्र कला में और कितने विज्ञान तथा वाणिज्य संकाय में नामांकित होंगे।

उन्होंने कहा कि बिना नामांकन, बिना पढ़ाई कितने छात्र किस संकाय में परीक्षा देंगे, यह तय करना मुश्किल है। कई बार यह भी देखा गया है कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीबीएसई के माध्यम से उत्तीर्ण मैट्रिक के छात्र भी इंटर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से करते हैं।

दो माह बाद नहीं हुआ नामांकन

बीते फरवरी के प्रथम सप्ताह में इंटर की वार्षिक परीक्षा एवं दूसरे सप्ताह में मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा आयोजित की गई थी। इसका परिणाम भी अगले माह घोषित कर के रिकॉर्ड बनाया गया, परंतु करीब दो माह बाद भी इंटर में नामांकन नहीं होने के कारण संबंधित विद्यार्थी भटक रहे हैं।

अब शिक्षा विभाग ने यह निर्देश जारी कर दिया है कि नामांकन प्रक्रिया बाद में पूरी की जाएगी, पहले जिन छात्रों ने जिस विद्यालय से मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा उत्तीर्ण की है, उसी प्लस टू स्कूल के 11वीं कक्षा में बिना नामांकन के ही मासिक मूल्यांकन परीक्षा प्रारंभ कर देने का आदेश है।

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