बेतिया। बच्चियों के साथ आयेदिन हो रहे दुष्कर्म की घटनाओं से बचाव और उसके विरुद्ध आवा•ा उठाने हेतु बच्चियों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। इसके लिए छात्राओं को सजग रहना चाहिए। इसके लिए उनको गुड टच और बैड टच के बारे में विस्तार से समझाने की जरूरत है। इसलिए हमने यह मुहिम छेड़ी है। उक्त बातें शिक्षा विभाग में राज्य साधनसेवी सह समाजसेवी महिला मेरी एडलिन ने संत कोलम्बस स्कूल में कक्षा एक से आठ तक की छात्राओं के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने दुष्कर्म एवं छेड़छाड़ के विरुद्ध किशोरियों एवं बालिकाओं को सशक्त बनाने एव? शोषण के विरूद्ध आवाज उठाने पर जोर दिया। मेरी एडलीन ने बालिकाओं को तरह- तरह के उदाहरण देते हुए समझाया कि किसी भी बच्ची या औरत के शरीर को छूने का अधिकार किसी भी पुरुष को नहीं है, चाहे वह पुरुष अपना सगा भाई, पिता या रिश्तेदार ही क्यों न हो। अगर कोई भी पुरुष गलत नीयत से किसी भी बच्ची के अंग को छूता है तो वह बैड टच है। इसके लिए बच्चियों को स्वयं सजग रहना है और अगर कोई पुरुष उसके साथ गलत हरकत करता है, गलत तरीके से उसे छूता है तो तुरंत उसका विरोध करना चाहिए। कार्यशाला में शामिल प्रथम कक्षा की पांच वर्ष की छात्रा इसरत फातिमा द्वारा बहुत ही सुंदर तरीके से गुड टच के बारे में उदाहरण द्वारा बताया गया। मेरी एडलीन ने छात्राओं को दुष्कर्मियों या बदमाश लोगों से बचने के लिए टिप्स देते हुए समझाया कि अगर कभी भी उसके साथ या किसी और लड़की, बच्ची के साथ कोई लड़का, पुरुष गलत करने की कोशिश करता है तो वह सबसे पहले उसका विरोध करें। शोर मचाएं, चीखें, चिल्लाए और लोगों को इकट्ठा करें। फिर अपने लोगों को जानकारी दे कि उसके साथ गलत किया जा रहा था। बच्चियां, लड़कियां कोशिश करे अकेले में सुनसान स्थानों में न घूमे। किसी भी पुरुष के गलत बहकावे में न आये और किसी पराये पुरुष से सुनसान, अनजान जगह पर न मिले। सफर करते समय हमेशा सावधान रहें और पास में बैठे किसी भी पुरुष द्वारा अगर गलत हरकत किया जा रहा हो तो डटकर उसका विरोध करें। इन सब बातों को अपनाने, सीखने के लिए सबसे पहले अपना झिझक तोड़े, शर्म हटाये। ये न सोचें अगर हम अपने साथ हो रहे गलत हरकतों आदि के बारे में किसी को बताएंगे तो लोग क्या कहेंगे? इन सब बातों को त्यागकर आगे बढ़े और आवाज उठाये। वरना गलत करने वाले व्यक्ति का मनोबल बढ़ते जाएगा। सना प्रवीण, याशमीन कौशर, साहिबा ़खातून, नरगिस ़खातून ने दुष्कर्म और छेड़छाड़ से बचाव संबंधित बहुत सारे प्रश्न भी पूछे और जानकारी ली। साथ ही साथ साबनीन खातून, सपना कुमारी, दीपिका कुमारी, निशी कुमारी और तनिशा ़खातून सहित कई बच्चियों के द्वारा बारी- बारी से गुड टच और बैड टच के बारे में बेझिझक बताया गया। विद्यालय के प्रबंधक ई. कुरर्तुलएन खान ने कहा कि ऐसी कार्यशाला का आयोजन बच्चियों के लिए बहुत जरूरी है। इससे बच्चियों में स्वयं के बचाव के लिए और दुष्कर्म जैसी बुरी घटनाओं की ़िखला़फ आवाज उठाने की हिम्मत बढ़ेगी। कार्यशाला में शिक्षिका सालेहीन, नीलोफर शाहिन और अर्चना कुमारी ने भी बहुत सारी जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधक ने बताया कि इन शिक्षिकाओं द्वारा विद्यालय में आगे भी कार्यशाला का आयोजन कर गुड टच बैड टच की जानकारी बच्चियों को दी जाएगी और उन्हें स्वयं अपना बचाव करने और बलात्कार जैसी बुरी घटनाओं के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करेंगी। मेरी एडलीन के द्वारा बच्चियों को बताया गया कि सभी बच्ची स्वयं को कभी भी कमजोर नहीं समझे और बुरे लोगों के खिलाफ आवाज जरूर उठाये।

Posted By: Jagran