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    Bihar Schools: बाढ़ का हवाला देकर 53 दिनों से 4 स्कूल बंद, शिक्षा विभाग पर फूटा लोगों का गुस्सा; दे डाली चेतावनी

    Updated: Tue, 30 Jul 2024 03:23 PM (IST)

    Bihar School News बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में बाढ़ (Flood In Bihar) का हवाला देकर सरकार स्कूल लगभग 53 दिनों से बंद हैं। यहां के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में पढ़ाने के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में बच्चे संबंधित इलाकों में बकरी चराने को मजबूर हैं। स्कूल बंद होने से अभिभावकों के बीच नाराजगी देखी जा रही है।

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    मदरहवा स्कूल में लटक रहा ताला। फोटो- जागरण

    संवाद सूत्र, पिपरासी। पश्चिम चंपारण जिले के पिपरासी प्रखंड में चार विद्यालयों को बाढ़ का हवाला देकर आठ जून से बंद कर दिया गया। ताला लटकने से बच्चों का पठन-पाठन चौपट हो गया है।

    इन चारों विद्यालयों में बच्चों की संख्या लगभग 453 है। ऐसी स्थिति में बच्चे बकरी चराने को मजबूर हैं। खाली समय में ये बच्चे नाला और नदी में स्नान करने चले जाते हैं।

    स्थानीय मुखिया संतोष कुशवाहा ने बताया कि 53 दिन से विद्यालय में ताला लटका है। बाढ़ का हवाला देकर विद्यालय बंद कर दिया गया है।

    उप मुखिया राजू यादव और उप सरपंच मैनेजर कुशवाहा का कहना है कि बाढ़ का हवाला देकर शिक्षकों पर विभाग ने तो रहम कर दिया, लेकिन बच्चों की शिक्षा चौपट हो रही है। बाढ़ का पानी कभी भी 12 घंटे से अधिक नहीं रहा।

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    नजर आई शिक्षा विभाग की कुव्यवस्था

    स्कूल बंद होने से अभिभावकों में भी आक्रोश है। विभाग की कुव्यवस्था साफ नजर आ रही है। मुखिया ने कहा कि स्कूल अगर नहीं खोला गया तो आंदोलन किया जाएगा। अभिभावक प्रति दिन स्कूल खोलने की बात कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।

    पिपरासी के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उमेश कुमार को नरकटियागंज बीईओ का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वे ज्यादा समय नरकटियागंज में ही दे रहे हैं। ऐसे में शिक्षक को विद्यालय खुले या बंद रहे। इससे मतलब नहीं है।

    यूपी के शहरों में रहते हैं शिक्षक

    शिक्षक को स्कूल के आस पास ही निवास करने का निर्देश विभाग ने जारी किया है। आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए शिक्षक यूपी के विभिन्न शहरों में निवास करते हैं। वेतन भी उठा रहे हैं।

    इन शिक्षकों को दूसरे विद्यालय घोड़हवा, परसौनी, लक्षनही आदि स्कूलों में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं, कुछ शिक्षक आकर हाजिरी बनाकर निकल लेते हैं।

    इनके कार्यकलाप फोटो और मोबाइल लोकेशन की जांच होने पर असलियत सामने आ जाएगी। पंचायत में सरकारी भवन भी उपलब्ध है। यहां शिक्षक निवास नहीं करना चाहते हैं।

    बाढ़ को लेकर जिला मुख्यालय के निर्देश पर स्कूल बंद किया गया है। मुख्यालय से इन विद्यालय को खोलने का मार्ग दर्शन मांगा गया है। निर्देश प्राप्त होते ही विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया जाएगा।-उमेश कुमार, बीईओ, पिपरासी

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