Dhanteras 2026: दो शुभ स्थिर लग्न में करें खरीदारी, सेहत और समृद्धि की होगी प्राप्ति
Dhanteras 2026 Shubh Muhurat: धनतेरस केवल धन-संपत्ति की खरीदारी का नहीं, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु का भी पर्व है। ...और पढ़ें

भारतीय संस्कृति में हमेशा से उत्तम स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया है।
संवाद सूत्र, बगहा (पश्चिमी चंपारण)। Dhanteras 2026: धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी की पारंपरिक परंपरा है, लेकिन इस पर्व का महत्व केवल धन-संपत्ति और सुख-समृद्धि तक ही सीमित नहीं है।
इसका गहरा संबंध अच्छे स्वास्थ्य और दीर्घायु जीवन से भी जुड़ा हुआ है। भारतीय संस्कृति में हमेशा से उत्तम स्वास्थ्य को सबसे बड़ा धन माना गया है, क्योंकि यही जीवन का असली आधार है।
भगवान धन्वंतरि की जयंती
डॉ. अजय कुमार ने इस संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
उन्हें आयुर्वेद और चिकित्सा शास्त्र का जनक माना जाता है। धनतेरस का संदेश हमें यह सिखाता है कि धन से भौतिक सुविधाएं तो खरीदी जा सकती हैं, लेकिन स्वस्थ शरीर और निरोगी जीवन का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता है।
खरीदारी और आरोग्य कामना
आचार्य सुबोध मिश्र ने बताया कि धनत्रयोदशी के दिन ही धनतेरस का यह पावन पर्व मनाया जाता है। दीपावली से दो दिन पूर्व आने वाले इस अवसर पर लोग झाड़ू, धनिया, नमक, कमलगट्टा और हल्दी की गांठ जैसी कई वस्तुओं की खरीदारी करते हैं।
धार्मिक मान्यता है कि इनकी खरीदारी से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है, साथ ही भगवान धन्वंतरि की आराधना से आरोग्य और लंबी उम्र की प्राप्ति होती है।
शुभ मुहूर्त और लग्न
इस वर्ष धनतेरस छह नवंबर, शुक्रवार को है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन कुंभ स्थिर लग्न दोपहर 1:07 बजे से 2:39 बजे तक और वृष स्थिर लग्न शाम 5:45 बजे से 7:42 बजे तक रहेगा, जबकि तेरस तिथि दिन में 11:07 बजे के बाद शुरू होगी। यह पर्व खरीदारी और उत्सव के साथ-साथ हमें अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की प्रेरणा भी देता है।