Bihar News: पश्चिम चंपारण में विकास की खुली पोल, गुजर गए पांच साल; नहीं सुधरी सड़कों की हालत
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में सड़कों की स्थिति बदहाल है। यहां सड़क को बनाने के लिए उचित रख-रखाव नहीं किया गया है। इससे शहर से लेकर गांवों की सड़कों की स्थिति बदहाल हो चुकी है। आरोप है कि टेंडर का पैसा ठेकेदार और इंजीनियर ने मिलीभगत से डकार गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से अब तक सड़कों की मरम्मत नहीं हो सकी है।

संवाद सूत्र, बगहा। पश्चिम चंपारण के बगहा सहित आस-पास के रामनगर, पिपरासी, मधुबनी, भितहा व ठकराहा आदि क्षेत्र की सड़क को बनाने के बाद उचित रख-रखाव नहीं किया गया। इसका परिणाम यह हुआ है सड़कों की स्थिति में सुधार नहीं हो सकी।
आरोप है कि ठेकेदार व अभियंता मिलकर सड़क बनने के बाद पांच साल के रख-रखाव अवधि में बिना कोई काम पांच साल तक मरम्मति वाली राशि डकार गए।
निर्माण के बाद से अब तक मरम्मत नहीं हुई- ग्रामीण
लौकरिया 62 पुल से चंपापुर जाने वाली सड़क, बरवल से खिरिया होते हुए खरपोखरा व भैरोगंज आदि जाने वाली सड़क, चखनी रजवटिया से सोहगीबरवा, नैनहां वाली सड़क के संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण के बाद से अब तक इसकी मरम्मत नहीं हुई है।
हालांकि, संबंधित विभाग द्वारा सड़क की पांच साल तक मरम्मत व देख-रेख की जिम्मेदारी ठेकेदार के जिम्मे निर्धारित है, लेकिन विभागीय स्तर आपसी मिली भगत करते हुए अधिकांश सड़कों का बिना मरम्मत कराए ही पांच साल गुजार लिया गया। बरसात बाद क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत की जिम्मेदारी विभाग की होती है।
कम बारिश होने से नहीं हुई सड़क क्षतिग्रस्त- मुकेश
बगहा के कार्यपालक अभियंता मुकेश कुमार का कहना है कि उनके कार्यक्षेत्र में इस बार कम बारिश होने से सड़क क्षतिग्रस्त होने का मामला नहीं है।
खिरिया के ठेकेदार के संबंध में ग्रामीण महंथ यादव, लालबाबू यादव, शैलेश कुशवाहा, उदयभान यादव, संतोष कुमार, गुलाब अंसारी आदि ने बताया कि इस सड़क के बनने के बाद से बरसात हो या उसके बाद कभी मरम्मति कार्य हीं किया गया है।
इसका परिणाम यह हुआ कि गुरवलिया मोड़ के बाद से आगे के गांव में सालों भर सड़क पर गड्ढा बना रहता है। हालांकि, इसको लेकर कई बार ग्रामीण स्तर पर पत्राचार भी हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के बाद से अब तक इसमें कोई काम नहीं हुआ है।
आरडब्ल्यूडी के जेई रामानंद यादव ने बताया कि इस सड़क का पांच साल पूरा हो गया है लेकिन, मई-जून में ठेकेदार द्वारा मरम्मति का कार्य किया गया था।
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