तूफानी चौधरी, बगहा: बगहा को पुलिस जिला बने 26 साल गुजर गए, लेकिन अभी तक अधिकारियों व सिपाहियों को सुव्यवस्थित कार्यालय और आवास नसीब नहीं हो पाया। यहां पीडब्लूडी के निरीक्षण भवन में एसपी रहते हैं तो सिंचाई विभाग के गोदाम में सिपाहियों का बिस्तर लगा है। सिंचाई विभाग के कार्यालय में एसपी का कार्यकक्ष बनाया गया है। बैरक के अभाव में गोदाम में रह रहे सिपाही खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। गोदाम की स्थित यह है कि उसके अधिकतर खिड़की व दरवाजे टूट गए हैं। सिपाही भेड़-बकरियों की तरह दिन-रात काट रहे हैं।

गोबरहिया थाने के दोन में वर्ष 1995 में डकैतों ने नरसंहार किया था। जिसमें 15 लोगों को जिंदा आग के हवाले कर दिया गया था। इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी हंगामा करते हुए घटना स्थल पर मुख्यमंत्री को आने पर मजबूर कर दिया था। अंत में तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू यादव को आना पड़ा। घटना को देखने के बाद उन्होंने मौके पर ही बगहा पुलिस अनुमंडल को पुलिस जिला का दर्जा देते हुए एक सप्ताह के अंदर एसपी की तैनाती कर दी थी। आनन-फानन में एसपी कार्यालय व पुलिस लाइन की व्यवस्था गंडक विभाग के खाली भवनों में की गई। एसपी आवास का इंतजाम पीडब्लूडी के निरीक्षण भवन में व्यवस्थित कर दिया गया और सिपाहियों को रहने के लिए गोदाम मिला। उसी समय से यह व्यवस्था चली आ रही है।

ये सभी भवन व गोदाम पहले से ही जर्जर हो चुके थे। उसके बाद भी जवान उसी गोदाम में चौकी आदि लगाकर दिन काटते आ रहे हैं। हाल के दिनों में गोदाम के छप्पर के नीचे प्लाइवुड लगाया गया है। कारण कि गर्मी के मौसम में कर्कट लगे इन गोदामों में अधिक गर्मी लगती थी। गोदाम जर्जर हो जाने के कारण अब जवानों के बैरक में सांप, बिच्छू निकलते रहते हैं। वैसे बीते साल सरकार ने उसी गंडक विभाग की जमीन का अधिग्रहण कर पुलिस लाइन बनाने की अनुमति दी लेकिन, जमीन पूरी तरह से अतिक्रमित थी। हालांकि, बीते साल जमीन खाली भी करा दी गई, लेकिन अभी पुलिस लाइन का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है।

बयान

पुलिस लाइन के लिए संबंधित विभाग की ओर से भूमि आवंटित हो गई है। जहां पहले से एसपी कार्यालय व पुलिस लाइन चल रहा है। उसी जमीन पर सभी प्रकार के आवास का निर्माण होना है। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी।

-किरण कुमार गोरख जाधव, एसपी, बगहा

Edited By: Ashish Pandey

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