बिहार सरकार करेगी किसानों की मदद, बाढ़ के बाद खेतों में जमा बालू हटाने के लिए मिलेगा अनुदान
गंडक नदी की बाढ़ से प्रभावित पश्चिम चंपारण के किसानों को राहत मिलेगी। बिहार सरकार खेतों से बालू और गाद ...और पढ़ें

वाल्मीकिनगर के विधायक सुरेन्द्र प्रसाद कुशवाहा ने मुख्यमंत्री से भेंट कर मांग पत्र सौंपा।
HighLights
बाढ़ प्रभावित खेतों से बालू-गाद हटाने को अनुदान।
अधिक गाद पर 18 हजार, कम पर 2200 रुपये।
पश्चिम चंपारण में कृषि विभाग जुटा रहा ब्योरा।
संवाद सहयोगी, बगहा (पश्चिम चंपारण)। गंडक नदी की बाढ़ का पानी तो उतर गया, लेकिन किसानों के खेतों में बर्बादी के निशान छोड़ गया। कहीं खेतों में बालू की मोटी परत जम गई है तो कहीं गाद भरने से खेती करना मुश्किल हो गया है। अब ऐसे किसानों के लिए राहत की उम्मीद जगी है।
सरकार बाढ़ से प्रभावित कृषि भूमि से बालू और गाद हटाने के लिए अनुदान देने की तैयारी कर रही है। इसके लिए प्रभावित खेतों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पश्चिम चंपारण में जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों से जांच रिपोर्ट मांगी है।
विधायक ने मुख्यमंत्री के सामने उठाया था मुद्दा
पिछले माह गंडक सहित अन्य नदियों में आई बाढ़ से वाल्मीकिनगर विधानसभा क्षेत्र समेत जिले के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर कृषि योग्य भूमि पर बालू और गाद जमा हो गया था। क्षेत्र भ्रमण के दौरान किसानों ने विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा को अपनी परेशानी बताई थी। इसके बाद विधायक ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर किसानों को राहत देने और खेतों से बालू-गाद हटाने के लिए अनुदान उपलब्ध कराने की मांग की थी।
आपदा विभाग ने मांगा खेतों का ब्योरा
विधायक के मांग पत्र के बाद बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में राज्य के सभी जिलाधिकारियों से गाद जमा होने वाली कृषि भूमि का विवरण मांगा था। इसी क्रम में अब पश्चिम चंपारण के जिला कृषि पदाधिकारी ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को प्रभावित खेतों की जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है।
अधिक गाद पर 18 हजार, कम पर 2200 रुपये
विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा के अनुसार, आपदा विभाग के आदेश में अधिक गाद जमा होने वाले खेतों के लिए 18 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और कम गाद वाले खेतों के लिए 2200 रुपये प्रति हेक्टेयर अनुदान का प्रविधान बताया गया है। इसका उद्देश्य प्रभावित किसानों को खेतों से बालू और गाद हटाने में आर्थिक मदद देना है, ताकि वे दोबारा खेती कर सकें।
खेतों की रिपोर्ट के बाद आगे की प्रक्रिया
इस साल गंडक समेत अन्य नदियों में आई बाढ़ से बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पर बालू और गाद जमा हुआ है। इससे किसानों की खेती प्रभावित हुई है। फिलहाल कृषि विभाग प्रभावित भूमि का ब्योरा जुटा रहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।