Jammu Kashmir Terror Attack: कश्मीर में आतंकी हमले में बिहार के सेफ्टी मैनेजर की गई जान, पूरे गांव में छाया मातम
जम्मू कश्मीर के गांदरबल में आतंकी हमले में वैशाली के फहीमुन नसीर सहित 7 लोगों ने जान गंवाईं। फहीमुन नसीर श्रीनगर-सोनमर्ग टनल प्रोजेक्ट में सेफ्टी मैनेजर थे। रविवार रात आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग की। उनके पैतृक गांव में मातम छा गया है। ग्रामीणों ने आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता।

जागरण संवाददाता, हाजीपुर। जम्मू कश्मीर के गांदरबल में विगत रविवार की रात आतंकी हमले में मारे गए सात लोगों में वैशाली के प्रोजेक्ट सेफ्टी मैनेजर 55 वर्षीय फहीमुन नसीर भी शामिल थे। उनकी मौत की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव कटहरा थाना क्षेत्र के अबाबकरपुर में मातम छा गया है, सभी आतंकियों के कायराना हमले की कड़ी निंदा कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता, इस्लाम में हिंसा की कोई जगह नहीं है। ग्रामीण व स्वजन उनके पार्थिव शरीर लाए जाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गांव में उनकी मां इशरत खातून व अन्य स्वजन का रो-रोकर बुरा हाल है। उनकी पत्नी दो पुत्र और दो पुत्रियों के साथ रांची से गांव के लिए चल चुकी हैं। वे बच्चों की पढ़ाई को लेकर रांची में रहती हैं।
प्रोजेक्ट सेफ्टी मैनेजर फहीमुन नसीर का शव पहुंचा गांव
6 साल पहले कश्मीर गए थे सेफ्टी मैनेजर के पद पर काम करने
ग्रामीणों ने बताया कि फहीमुन नसीर वहीदुन नासिर के पुत्र थे। वे लगभग छह वर्षों से जम्मू कश्मीर के श्रीनगर-सोनमर्ग टनल प्रोजेक्ट में सेफ्टी मैनेजर के पद पर गांदरबल में कार्यरत थे। रविवार रात लगभग 8:30 बजे वे गांदरबल स्थित प्रोजेक्ट साइट पर सहकर्मियों समेत मेस में भोजन करने गए थे, तभी दहशतगर्दों ने उन लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। जब तक वे लोग कुछ समझ पाते, तब तक आतंकी कई लोगों की हत्या कर भाग निकले।
सेफ्टी मैनेजर फहीमुन नसीर को श्रद्धांजलि देते लोग
मधेपुरा के मुहम्मद हनीफ की भी गई जान
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में हुए आतंकी हमले में मधेपुरा जिले के शंकरपुर निवासी मु. हनीफ (45) की मौत हो गई। हनीफ के साथ कई सपने भी खत्म हो गए। परिवार पर दो लाख के कर्ज को चुकाने की आस, छोटी बेटी सजदा को शादी के जोड़े में विदा करने की हसरत, घर में रोटी-नमक के साथ सब्जी खाने के सपने। हनीफ इन सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात काम कर रहे थे।
उन्होंने पिछले डेढ़ वर्ष से छुट्टी नहीं ली थी। घर-परिवार वाले फोन पर बात करते तो हनीफ बीमार रहने के बाद भी काम पर ही मिलते। कहते, थोड़ी तकलीफ झेलूंगा तभी तो बेटी की शादी की शहनाई सुनने का सुख मिलेगा। हनीफ गांदरबल में सुरंग (टनल) की पेंटिंग करते थे। घर पर सूचना पहुंची तो स्वजन स्तब्ध रह गए। आस-पड़ोस के लोग कहने लगे-इन आतंकियों का कोई धर्म-मजहब नहीं होता। ये शैतान हैं।
हनीफ की विधवा समीदा खातून इतना कहती हैं कि डेढ़ वर्ष पूर्व उनके पति प्राइवेट कंपनी में पेंटर का काम करने कश्मीर गए थे। काम लगभग पूरा हो चुका था और इसी महीने वह घर लौटने वाले थे। दो-तीन दिनों पूर्व उन्होंने फोन पर बताया था कि घर लौटने पर छोटी बेटी सजदा का निकाह करेंगे। बचे हुए पैसों से घर बनवाएंगे व कुछ पुराना कर्ज भी चुकता करेंगे।
पूरा परिवार सजदा की शादी के सपने बुन रहा था कि रविवार को उनकी हत्या की सूचना आ गई। लगभग ढाई वर्ष पूर्व बड़ी बेटी रुखसाना की शादी में जो कर्ज लिया था, उसके दो लाख रुपये चुकता नहीं हुए हैं। समीदा बार-बार बिलखती है कि अब गृहस्थी कैसे चलेगी। कर्ज चुकाना है, सजदा की शादी कैसे होगी, घर पर रोटी कैसे बनेगी। मां फुलिया खातून बार-बार बेहोश हो रही हैं। उनके पांच बेटों में हनीफ तीसरे नंबर पर था।
50 लाख रुपए और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दे सरकार: विधायक
वैशाली जिले के महुआ के राजद विधायक मुकेश रोशन ने कश्मीर में आतंकवादी हमले की घटना की निंदा की है। मंगलवार की सुबह कश्मीर में मारे गए टनल कंपनी के सेफ्टी मैनेजर फहीमुन नसीर का शव हाजीपुर राम आशीष चौक पहुंचा। जहां विधायक एवं अन्य लोगों ने दुख व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में मरे हुए व्यक्ति को सरकार के द्वारा 4 लाख रुपये दिया जाता है। जबकि आतंकी हमले में मारे गए व्यक्ति के दो लाख घोषणा सरकार के द्वारा किया गया या काफी निंदनीय है। उन्होंने बिहार एवं केंद्र सरकार से मृतक के परिवार वालों को 50 लाख रुपए और एक आश्रित को नौकरी देने की मांग की है। विधायक ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला।
आतंकियों को मार गिराने के लिए चल रहा ऑपरेशन
कश्मीर के गांदरबल जिले के गगनगीर में अंधाधुंध गोलीबारी कर भागे आतंकियों को मार गिराने के लिए सुरक्षाबलों ने आसपास के जंगल और पर्वतीय क्षेत्रों में बड़े स्तर पर तलाशी अभियान चला रखा है। सुरक्षाबलों की गश्त, विशेष नाकों के साथ अभियान में खोजी श्वान और ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस बीच, एनआईए के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों ने भी सोमवार को घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि चार से छह संदिग्ध तत्वों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है। इस बीच, आतंकी हमले का निशाना बनी निर्माण कंपनी के शिविर को पूरी तरह खाली करा लिया गया है। यहां रहने वाले अधिकारियों व कर्मियों को सोनमर्ग व गुंड क्षेत्र में आवासीय सुविधा प्रदान की गई है।
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