BHU की पढ़ाई ने दिखाई राह, BPSC पास कर वैशाली की रश्मि बनीं अफसर बिटिया; परिवार की खुशी की वजह है खास
महुआ, वैशाली की रश्मि रंजन ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड कृषि पदाधिकारी ...और पढ़ें

प्रखंड कृषि पदाधिकारी रश्मि रंजन। सौ-स्वजन
HighLights
रश्मि रंजन ने बीपीएससी परीक्षा पास कर अधिकारी पद पाया।
वह समस्तीपुर में प्रखंड कृषि पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
बीएचयू से कृषि में उच्च शिक्षा प्राप्त कर बनीं अधिकारी।
विनिता कुमारी, महुआ (वैशाली)। मेहनत, लगन और सही दिशा में किए गए प्रयास से सफलता की मंजिल हासिल की जा सकती है। महुआ के तरौरा गांव की रश्मि रंजन ने इसे सच कर दिखाया है।
अधिवक्ता प्रमोद कुमार सिंह एवं अंजू देवी की पुत्री रश्मि ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSCC) की परीक्षा में सफलता हासिल कर प्रखंड कृषि पदाधिकारी का पद प्राप्त किया है।
वर्तमान में वह समस्तीपुर जिले में प्रखंड कृषि पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। परिवार के सदस्य अपनी बिटिया की सफलता को घर में लक्ष्मी के आगमन के समान मान रहे हैं।
सिंघाड़ा के स्कूल से बीएचयू तक का सफर
रश्मि रंजन की प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई बोर्ड से संत जोसेफ स्कूल, सिंघाड़ा (महुआ) में हुई। उन्होंने इसी विद्यालय से दसवीं और बारहवीं की पढ़ाई पूरी की।
इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने बीएससी (कृषि) और एमएससी (कृषि) की डिग्री हासिल की।
कृषि विषय में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू की और बीपीएससी की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर चयनित हुईं।
कृषि क्षेत्र में सेवा का मिला अवसर
रश्मि की सफलता उनकी मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम है। कृषि विषय की पढ़ाई करने के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारी वाले पद पर चयनित होना उनके शैक्षणिक सफर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
अब प्रखंड कृषि पदाधिकारी के रूप में वह किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में अपनी भूमिका निभा रही हैं।
बेटी की सफलता से परिवार और गांव गौरवान्वित
रश्मि की उपलब्धि से माता-पिता और परिवार के सदस्यों में खासा उत्साह है। तरौरा गांव सहित महुआ क्षेत्र के लोगों ने भी उनकी सफलता पर प्रसन्नता जताई है।
उनकी उपलब्धि ग्रामीण परिवेश में रहकर उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाली छात्राओं के लिए प्रेरणा है।
रश्मि ने साबित किया है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण से अपनी पहचान बनाई जा सकती है।
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