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उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को फिर मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी, सम्राट ने जताया भरोसा

Published: Thu, 07 May 2026 03:40 PM (IST)

रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश को रालोमो कोटे से एक बार फिर मंत्री बनाया गया है।

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को फिर मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी

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जागरण संवाददाता, हाजीपुर। रालोमो सुप्रीमो एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा तथा सासाराम विधायक स्नेहलता के पुत्र दीपक प्रकाश को रालोमो कोटे से एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। 20 नवंबर 2025 को उन्हें मंत्रिमंडल में पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। फिलहाल, वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं।

दीपक प्रकाश मूल रूप से महनार प्रखंड की नारायणपुर डेढ़पुरा पंचायत के जावज गांव के निवासी हैं। बीटेक की पढ़ाई पूरी कर चुके दीपक की राजनीति में सक्रिय भूमिका वर्ष 2019-20 के आसपास शुरू हुई।

उन्होंने अपने पिता उपेंद्र कुशवाहा के संगठनात्मक एवं राजनीतिक कार्यों में भागीदारी शुरू की और जल्द ही पार्टी की नीतियों, युवाओं के मुद्दों तथा सामाजिक न्याय की सोच के साथ सक्रिय राजनीति में पहचान बना ली।

दीपक के परिवार की सामाजिक और राजनीतिक जीवन में मजबूत पहचान

दीपक प्रकाश ऐसे परिवार से आते हैं, जिसकी राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में मजबूत पहचान रही है। उनके दादा स्व. मुनेश्वर सिंह प्रसिद्ध समाजसेवी एवं कारोबारी थे। जंदाहा के अरनिया स्थित समता कालेज की स्थापना में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा।

उनके सम्मान में महाविद्यालय का नाम मुनेश्वर सिंह मुनेश्वरी समता महाविद्यालय रखा गया। उनकी दादी का नाम मुनेश्वरी देवी है।

दीपक के पिता का राजनीतिक जीवन

दीपक के पिता उपेंद्र कुशवाहा एक कुशल राजनीतिज्ञ होने के साथ-साथ समता कॉलेज, जंदाहा में प्रोफेसर भी रह चुके हैं। वह पिछले वर्ष ही सेवानिवृत्त हुए हैं।

उनका राजनीतिक सफर समता पार्टी से शुरू हुआ था, जहां से वह वर्ष 2000 में जंदाहा विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2000 से 2005 तक वे बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।

इसके बाद उन्होंने राज्यसभा सांसद और विधान पार्षद के रूप में भूमिका निभाई। वर्ष 2014 में वे काराकाट लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए और केंद्र सरकार में मानव संसाधन राज्य मंत्री बने। वर्तमान में वे राज्यसभा सांसद हैं।

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