विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नीतीश के 10 चहेतों को फिर मिली कैबिनेट में जगह, 2 नामों ने चौंकाया; सम्राट ने 1 मुस्लिम MLA को भी बनाया मंत्री

Published: Thu, 07 May 2026 03:02 PM (IST)

सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू ने 10 पूर्व मंत्रियों को फिर से मौका दिया है। इसके साथ ही ...और पढ़ें

नीतीश के 10 चहेतों को फिर मिली कैबिनेट में जगह

नीतीश के 10 चहेतों को फिर मिली कैबिनेट में जगह

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

राज्य ब्यूरो, पटना। सम्राट चौधरी के मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान जदयू ने पूर्व में मंत्री रहे 10 लोगों को फिर से मौका दिया। वहीं तीन लोगों को पहली बार मंत्री बनाया गया है। नए लोगों में निशांत कुमार, शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल व श्वेता गुप्ता का नाम प्रमुख है।

जो पहले भी मंत्री थे-

1. श्रवण कुमार

जदयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार नालंदा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं। लगातार आठ बार उन्होंने विधानसभा चुनाव जीता है। नीतीश सरकार में वह ग्रामीण विकास, संसदीय कार्य और परिवहन विभाग का कामकाज संभाल चुके हैं। वह 66 वर्ष के हैं।

2. लेशी सिंह

जदयू काेटे से मंत्री बनीं लेशी सिंह पूर्णिया जिले के धमदाहा विघानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुकी हैं। पिछली सरकार में वह खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री थी। नीतीश कुमार की सरकार मे वह कई बार मंत्री रह चुकी हैं। पहली बार 2000 में वह धमदाहा से विधायक बनीं थीं। उनका जन्म 1974 में हुआ था।

3. दामोदर रावत

दामोदर रावत पूर्व में भी नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रहे हैं। वह झाझा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इतिहास से उन्होंने एमए किया हुआ है। उनकी उम्र 67 वर्ष की है। वह पांच से अधिक बार विधायक रह चुके हैं।

4. अशोक चौधरी

अशोक चौधरी के पिता महावीर चौधरी कांग्रेस की सरकार मे मंत्री थे। वर्ष 1968 में जन्मे अशोक चौधरी ने मगध विश्वविद्यालय से पीएचडी की है। वह वर्तमान में पटना स्थित एएन कॉलेज में प्राध्यापक हैं।

विधान परिषद के सदस्य अशोक चौधरी नीतीश सरकार में कई बार मंत्री रह चुके हैं। जदयू में आने से पहले वह कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं।

5. भगवान सिंह कुशवाहा

भाेजपुर के जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं भगवान सिंह कुशवाहा। वह पूर्व में ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री रह चुके हैं। विधान परिषद के सदस्य भी रहे हैं। नीतीश कुमार ने उन्हें जदयू का राष्ट्रीय महासचिव भी बनाया। कुशवाहा समाज में इनकी अच्छी पकड़ है और समता पार्टी के समय ही नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे हैं।

6. मदन सहनी

जदयू नेता मदन सहनी अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं। उनका जन्म 1971 मे दरभंगा जिले के खराजपुर में हुआ। राजनीति के आरंभिक दिनों मे वह दरभंगा जिला परिषद के अध्यक्ष थे।

वर्ष 2015 में वह पहली बार विधायटक बने। नीतीश कुमार की सरकार मे कई विभागों के मंत्री बूने। वर्तमान में वह दरभंगा के बहादुरपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

7. रत्नेश सदा

रत्नेश सदा पूर्व में नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री रह चुके हैं। वह चार बार से लगातार सहरसा जिले के सोनबरसा (सुरक्षित) क्षेत्र से विधायक हैं। वर्ष 2023 मे जब हम के संतोष सुमन ने इस्तीफा दिया था तो उनकी जगह उन्हें मंत्री बनाया गया था। उन्होंने स्नातक तक की शिक्षा ग्रहण की है।

8. शीला कुमारी

सम्राट चौधरी की सरकार में मंत्री बनी शीला कुमारी उर्फ शीला मंडल नीतीश कुमार की सरकार में परिवहन मंत्री रह चुकी हैं। उनके ससुर धनिक लाल मंडल बिहार विधानसभा के अध्यक्ष थे। वर्ष 2020 में शीला ने राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया। मधुबनी के फुलपरास विधानसभा क्षेत्र से वह विधायक हैं।

9. सुनील कुमार

रिटायर्ड आईपीएस सुनील कुमार पूर्व में नीतीश कुमार की सरकार मे मंत्री रह चुके हैं। दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से वह पढ़े हैं। वर्ष 2020 में वह जदयू में शामिल हुए। गोपालगंज के भोरे (सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से वह विधायक है।

10. जमा खां

जमा खान ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत बहुजन समाज पार्टी से की। वर्ष 2020 में वह बसपा की टिकट पर पहली बार विधायक बने। अभी वह कैमूर के चैनपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। नीतीश कुमार की सरकार में वह अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रह चुके हैं।

बता दें कि अल्पसंख्यक समाज से आने वाले जमा खां सम्राट सरकार में इकलौते मुस्लिम मंत्री हैं। इनको फिर से मंत्री बनाना नीतीश कुमार के अकलियत समाज में संदेश देने की कोशिश भी है।

यह भी पढ़ें- लालू के लाल को हराने वाले संजय सिंह को फिर मिली मंत्री पद की जिम्मेदारी, चिराग ने जताया भरोसा

यह भी पढ़ें- मैथिली-कोमल समेत 13 नेताओं का सिर्फ नाम चला, सम्राट कैबिनेट की लिस्ट में नहीं मिली जगह