जयंती पर श्रद्धा के साथ याद की गई सावित्री बाई फुले
संवाद सूत्र, हाजीपुर : भारत की पहली शिक्षिका सावित्री बाई फुले को भारत रत्न की उपाधि से

संवाद सूत्र, हाजीपुर : भारत की पहली शिक्षिका सावित्री बाई फुले को भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया जाना चाहिए। उनकी जयंती सरकारी व निजी विद्यालयों में भी मनाए जाने की आवश्यकता है। ये बातें स्थानीय अंदरकिला कुशवाहा आश्रम में बुधवार को बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की ओर से सावित्री बाई फुले की 187 वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय महात्मा फुले समता परिषद सह रालोसपा के जिलाध्यक्ष कमल प्रसाद ¨सह ने कही।
उन्होंने सावित्री बाई फुले को अज्ञानता के अंधकार से प्रकाश की ओर ले जानेवाली महानायिका बताते हुए कहा कि सावित्री फुले महिला सशक्तीकरण की अगुआ थीं। सुखदेव मुखलाल महाविद्यालय के प्राचार्य र¨वद्र कुमार ¨सह ने कार्यक्रम की जमकर सराहना की। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष पंकज कुशवाहा ने सावित्री फुले के कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आज लाखों की संख्या में महिलाएं शिक्षा, स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक पदों पर रहकर देश सेवा में लगी हुई हैं जिसका पूरा श्रेय सावित्री बाई फुले को ही जाता है। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई ने जीवनभर समानता की लड़ाई लड़ी। लेकिन दुर्भाग्यवश आज शिक्षक स्वयं असमानता की चक्की में पिसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि समान काम के लिए समान वेतनमान की मांग को लेकर 6 जनवरी को हाजीपुर जिला मुख्यालय में एक दिवसीय धरना दिया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष उत्पकांत ने की। इस मौके पर प्रेम उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजेंद्र कुमार बनफूल, विमल प्रसाद ¨सह, अर्जुन ¨सह, संघ के कोषाध्यक्ष र¨वद्र कुमार, अध्यक्ष योगेंद्र राय, सचिव सुबोध कुमार, संजय कुमार, अशोक कुमार, रालोसपा नेता सुनील कुशवाहा, मनोज कुमार, जवाहर प्रसाद ¨सह आदि मौजूद थे।

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