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    सुपौल में निजी अस्पताल की लापरवाही, इलाज के दौरान महिला की मौत; परिजनों ने किया जमकर हंगामा

    Updated: Sun, 18 May 2025 05:35 PM (IST)

    प्रतापगंज में एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई जिसके बाद परिजनों ने हंगामा किया। अस्पताल बिना लाइसेंस के चल रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने पहले भी ऐसे 11 नर्सिंग होम को चेतावनी दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की ढुलमुल नीति के कारण अवैध नर्सिंग होम का संचालन जारी है।

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    खबर की प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर। (जागरण)

    संवाद सूत्र, प्रतापगंज (सुपौल)। प्रखंड मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान गोविंदपुर पंचायत निवासी फूल कुमार शर्मा की पत्नी राधा देवी (32) की शनिवार को मौत हो गई।

    मौत के बाद स्वजन एवं ग्रामीणों नें उक्त अस्पताल में बवाल भी काटा। जिसे स्थानीय पुलिस ने पहुंच स्थिति को शांत करा दिया। देर रात लाश के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। मृतका के छोटे-छोटे तीन बच्चे हैं।

    सुबह होते ही गणमान्यों सहित ग्रामीणों द्वारा उनके घर पहुंच ढांढस बंधाते दिखे। उक्त अस्पताल के बारे में जब संवाददाता ने पीएचसी प्रतापगंज के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन ईकाई के सदस्यों से जानकारी ली तो चौंकाने वाली बातें सामने आई।

    असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सुपौल के पत्रांक - 3049 दिनांक 12. 11. 24 के माध्यम से प्रखंड क्षेत्र अन्तर्गत संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम आदि के बारे में जांच प्रतिवेदन मांगा गया था।

    जिसके एवज में प्रखंड ईकाई ने अपने पत्रांक 354 दिनांक 24. 12. 24 को ही चिह्नित 12 नर्सिंग होम में से 11 के विरुद्ध चेतावनी पत्र दी गई थी। पत्र में क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट - 2010, 2013 के नियमानुसार निबंधन कराने के उपरांत ही निजी संस्थानों का संचालन किया जा सकता है।

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    अन्यथा कि स्थिति में स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद न तो कोई जांच की गई न ही जांच की दिशा में कोई पहल की गई। परिणामस्वरूप संचालकों का हौसला बढ़ता गया।