यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 13, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Supaul New Bridge: बकौर-भेजा पुल का डीएम ने किया निरीक्षण, दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश
जिलाधिकारी सावन कुमार ने बकौर-भेजा पुल परियोजना का निरीक्षण किया और दिसंबर 2025 तक कार्य पूरा करने का निर्देश दिया। ...और पढ़ें

HighLights
- बकौर-भेजा पुल का निर्माण दिसंबर 2025 तक
- आवागमन सुगम, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
- गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश
जागरण संवाददाता, सुपौल। जिलाधिकारी सावन कुमार द्वारा सदर प्रखंड अंतर्गत बकौर में निर्माणाधीन बकौर-भेजा पुल परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित एनएचएआई के अभियंता एवं संबंधित संवेदकों के साथ पुल निर्माण कार्य की प्रगति की गहन समीक्षा की।
जिलाधिकारी ने कार्य की वर्तमान स्थिति, तकनीकी गुणवत्ता एवं तय समय-सीमा को लेकर विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्माण कार्य में गति लाने की आवश्यकता जताते हुए संवेदक को स्पष्ट निर्देश दिया कि कार्य को दिसंबर 2025 तक हर हाल में पूर्ण किया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि यह पुल क्षेत्रीय संपर्क और आवागमन को सुगम बनाने के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके समय पर पूर्ण होने से न सिर्फ ग्रामीणों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने तकनीकी मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया। डीएम ने कहा कि यह पुल बकौर और भेजा के बीच आवागमन को नया आयाम देगा। वर्षों से इस मार्ग पर पुल की अनुपलब्धता के कारण लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, खासकर बरसात के मौसम में जब जलजमाव और नदी का बहाव बाधा बनता था।
पुल के बन जाने से कृषि उत्पादों की ढुलाई, स्कूल-कालेज जाने वाले विद्यार्थियों, मरीजों को अस्पताल तक पहुंचने एवं व्यापारिक गतिविधियों में सुधार आएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधोसंरचना कार्य गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरे हों।
उन्होंने संवेदक को हिदायत दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानक में कमी पाई जाती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अभियंताओं को भी निर्देशित किया कि वे लगातार मॉनिटरिंग करते रहें और प्रत्येक चरण का दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर एनएचएआई के वरिष्ठ अभियंता, परियोजना से जुड़े अन्य तकनीकी अधिकारी एवं संवेदक प्रतिनिधि मौजूद थे। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण एवं निगरानी के निर्देश दिए, ताकि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
