कब तक जान जोखिम में डाल राहगीर करते रहेंगे सफर
मुजफ्फरपुर में गरीबों के कुपोषित बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। केवल मौसम के बदलते हुए मिजाज का इंतजार करना काफी दुर्भाग्यपूर्ण व दुखद है। बिहार में जानलेवा चमकी बुखार से 300 से अधिक गरीब बच्चों की मौत हो चुकी है। फिर भी राज्य सरकार और केन्द्र सरकार भावनात्मक सपने झूठी आशाएं आकर्षक नारों के विज्ञापन में मशगूल नजर आ रहे है।
संवाद सूत्र, करजाईन बाजार(सुपौल): रतनपुर पंचायत अंतर्गत पूर्वी कोशी बांध के पिपराही स्थित एसएसबी कैंप से राजपुर नहर के 20 आरडी तक जाने वाली सड़क की हालत काफी दयनीय हो गई है। बरसात शुरू होने के बाद इस सड़क की हालत और दयनीय हो गई है। जगह-जगह कीचड़मय होने के चलते राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी भारी परेशानी हो रही है। जबकि इस सड़क से पिपराही, बैजनाथपुर, रतनपुर, बौहरवा, गढ़ौवा आदि गांवों के लोग रोज सफर करते हैं। लेकिन आलम ये है कि इस सड़क में कई जगह गहरे गड्ढे बन चुके हैं। जिस कारण लोगों का सड़क से गुजरना मुश्किल हो गया है। कहीं-कहीं तो इस सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। दोपहिया चालकों को और ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। राहगीर इस रास्ते से जान जोखिम में डाल कर गुजरते हैं। सड़क की खस्ताहाल रोजाना हादसों को न्यौता दे रही है। लेकिन इसकी सुध लेनेवाला कोई नहीं है। बारिश होने के बाद तो सड़क की हालत और भी नारकीय हो जाती है। जिससे निकलने में राहगीरों को काफी परेशानी होती है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की खस्ता हालत के कारण आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। टूटी-फूटी सड़क हर पल हादसों को न्यौता दे रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित स्थानीय लोगों ने मांग की है कि कोशी बांध के पिपराही से राजपुर नहर के 20 आरडी तक जाने वाली इस सड़क की खस्ताहाल को जल्द सुधारा जाए।
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