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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Siwan Hooch Tragedy: जहरीली शराब कांड में अब तक 10 लोगों की मौत; सिवान में 9 और गोपालगंज में एक की गई जान

By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
Published: Wed, 25 Jan 2023 09:58 AM (IST)

सिवान में जहरीली शराब पीने से हुई आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत के विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार ...और पढ़ें

Siwan Hooch Tragedy: जहरीली शराब पीकर मरने वाले जितेंद्र मांझी के रोते-बिलखते स्वजन
Siwan Hooch Tragedy: जहरीली शराब पीकर मरने वाले जितेंद्र मांझी के रोते-बिलखते स्वजन

सिवान, जागरण संवाददाता। सिवान जिले के लकड़ीनबीगंज के बाला गांव में रविवार को जहरीली शराब पीने से मरने वालों की संख्या 10 हो गई है। सोमवार को घटनास्थल से महज दो किलोमीटर दूर गोपालगंज के बैकुंठपुर ब्लाक में नगनारायण साह की मौत हुई थी। तीसरे दिन मंगलवार को भी उपचाराधीन बाला गांव निवासी दो एवं बसौली गांव के एक व्यक्ति की मौत हो गई। सिवान में मृतकों की संख्या छह से बढ़कर नौ हो गई है। कुल मृतकों की संख्या 10 हो गई है।

सिवान के बाला गांव निवासी सुरेंद्र प्रसाद और पटना में उपचाररत दुलम रावत एवं बसौली गांव के मुख्तार महतो के पुत्र सुदर्शन महतो (50) की मौत मंगलवार को हुई। मंगलवार की सुबह उपचाराधीन तीन मरीजों जीतेंद्र मांझी, शंकर मांझी व लोरिक मांझी को सदर अस्पताल से छोड़ दिया गया था। जिलाधिकारी अमित कुमार पांडेय के आदेश के बाद तीनों मरीजों को चिकित्सकों की देखरेख में उपचार के लिए वापस सदर अस्पताल बुला लिया गया है।

22 जनवरी को जहरीली शराब पीने के बाद दुलम रावत की आंखों की रोशनी कम होने के साथ स्थिति बिगड़ने लगी थी। इसके बाद दुलम को बेहतर उपचार के लिए पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था, जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई। वहीं, सुरेंद्र प्रसाद की स्थिति बिगड़ने के बाद उन्हें भी पीएमसीएच रेफर कर दिया गया था, लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। जहरीली शराब से रविवार रात से सोमवार दोपहर तक बाला गांव निवासी जनक बिंद, धुरेंद्र मांझी, राजेश प्रसाद, जितेंद्र मांझी, राजू मांझी व पड़ौली निवासी लक्षनदेव राम व गोपालगंज के बैकुंठपुर निवासी नगनारायण साह की मौत हुई थी। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव स्वजनों को सौंप दिया।

जहरीली शराब कांड के विरोध में प्रदर्शन

लकड़ी नबीगंज प्रखंड के बाला में जहरीली शराब पीने से हुई आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत तथा कुछ लोगों के पीड़ित होने के विरोध में ग्रामीणों ने मंगलवार को प्रदर्शन किया। इस दौरान शराब तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। साथ ही इसे प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना था कि प्रशासन शराब पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाती तो ऐसी घटना नहीं होती है। प्रशासन की उदासीनता के कारण जहां-तहां शराब बिक रहा है और लोग शराब का सेवन रहे हैं। धरने को पप्पू सिंह, अरविंद सिंह, सुदामा रावत, वार्ड सदस्य जितेंद्र मांझी, पूर्व बीडीसी विजय कुमार समेत काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

पीड़ित परिवार से मिला भाकपा शिष्टमंडल

भाकपा ने जहरीली शराब के मामले में पीड़ितों से मुलाकात कर जनप्रतिनिधियों से इस्तीफा मांगा। एक भाकपा का प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को पीड़ितों से मिलकर एक विज्ञप्ति के माध्यम से कहा कि सांसद, विधायक को इस्तीफा देना चाहिए ताकि उनकी क्षेत्र में इस तरह की घटना हो रही है। नेताओं ने प्रशासन से इसकी जांच कर दोषियों को सजा तथा पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की। मौके पर राजेंद्र सिंह, तारकेश्वर यादव, रामप्रीत यादव, सुरेंद्र सिंह, दीनबंधु प्रसाद आदि शामिल थे।

अलर्ट मोड पर प्रशासन

लकड़ी नबीगंज में जहरीली शराबकांड से मात के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इस दौरान सख्ती बरतते हुए कार्रवाई करनी भी शुरू कर दी गई है। मंगलवार को उत्पाद अधीक्षक प्रियरंजन के नेतृत्व में शराब को लेकर व्यापक स्तर पर छापेमारी की गई। वहीं इस कार्य में स्निफर डाग की भी सहायता ली जा रही है।

उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि सभी घरों की तलाशी ली जा रही है। ग्रामीणों से जानकारी के बाद वर्षों से बंद एक जर्जर मकान की तलाशी ली गई। तलाशी के क्रम में वहां से शराब की खाली बोतलें पाई गईं लेकिन कुछ विशेष भी प्राप्त नहीं हुआ। तलाशी के दौरान स्थानीय महिलाओं में काफी आक्रोश रहा। महिला पुलिस कर्मियों के सहयोग से सभी को समझा बुझाकर तलाशी में सहयोग करने की अपील भी की गई