Bihar New Land Rules: भूमि बिक्री के नए नियम से राजस्व में आई कमी, अवर निबंधन कार्यालय रहता है सूना
सरकार द्वारा जमीन खरीद-बिक्री के लिए नया नियम लागू होने का असर ग्राहकों पर पड़ रहा है और बहुत ही कम ग्राहक रजिस्ट्री कराने के लिए अवर निबंधन कार्यालय पहुंच रहे हैं। इस कारण जहां अवर निबंधन कार्यालय व आसपास लोगों की भीड़ दिखाई देती थी अब वहां सन्नाटा पसरा रहता है। कार्यालय में कर्मी पूरे दिन बैठकर समय बिताते हैं।

संवाद सूत्र, रघुनाथपुर (सिवान)। Bihar New Land Rules: सरकार द्वारा जमीन खरीद-बिक्री के लिए नया नियम लागू करने से बहुत कम ही ग्राहक अवर निबंधन कार्यालय पहुंच रहे हैं। इस कारण जहां अवर निबंधन कार्यालय व आसपास से लोगों की भीड़ देखी जाती थी अब वहां सन्नाटा पसरा रहता है।
कार्यालय में कर्मी पूरे दिन बैठकर समय व्यतीत करते हैं। जबकि कार्यालय के बाहर मुद्रांक विक्रेता (स्टाम्प वेंडर) तथा कातिब पूरे दिन बैठकर ग्राहक का इंतजार करते रहते हैं।
दुकानदार चुपचाप बैठे रहे
जागरण टीम ने सोमवार को अवर निबंधन कार्यालय का ऑन द स्पॉट करने पहुंची, तो कार्यालय के समक्ष काफी कम चहल-पहल दिखी। वहीं आसपास नाश्ता-भोजन की दुकानों पर भी असर देखा गया। दुकानदार ग्राहक की इंतजार में चुपचाप बैठे हुए थे।
कुछ ऐसा था कार्यालय का हाल
पूर्वाह्न 11 बजे रघुनाथपुर अवर निबंधन कार्यालय के बाहर एकाध लोग बैठे हुए थे। कातिब शंभू प्रसाद अपनी सीट पर बैठ कर मायूसी हालत में समय काट रहे थे। वहीं बगल में एक-दो व्यक्ति आपस में बातचीत कर रहे थे।
पूर्वाह्न 11. 10 बजे निबंधन कार्यालय में वरीय लिपिक जितेंद्र कुमार चुपचाप अपने टेबल पर बैठे हुए थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि काम आने पर कार्य का निपटारा किया जाता है।
पूर्वाह्न 11.20 बजे कंप्यूटर कक्ष में ऑपरेटर शत्रुघ्न प्रसाद साह अपने दो सहयोगियों के साथ के सिस्टम पर व्यस्त दिखाई दिए। वहीं अवर निबंधक पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कार्यालय बंद था। बड़े बाबू ने बताया कि अधिकारी चुनाव कार्य से जिला मुख्यालय में गए हुए हैं।
पूर्वाह्न 11.30 बजे कार्यालय कक्ष में प्रधान लिपिक रौशन कुमार जमीन से संबंधित काम का निपटा कर रहे थे। इस दौरान एक-दो कर्मी वहां उपस्थित थे। वहीं बगल जांच कक्ष में अजय कुमार यादव एवं आदेशपाल गुलशन कुमार बैठ कर कुछ बातें कर रहे थे।
प्रधान लिपिक ने ये कहा
इस संबंध में प्रधान लिपिक ने बताया कि जमीन खरीद-बिक्री के नए नियम लागू होने से बहुत कम की लोग आ रहे हैं। इसका असर देखने को मिल रहा है। जनवरी में 415 जमीन की रजिस्ट्री हुई इससे एक करोड़ 34 लाख 37 हजार, 140 रुपया की राजस्व प्राप्त हुई।
रजिस्ट्री से आया इतना राजस्व
वहीं 20 फरवरी तक 316 जमीन की रजिस्ट्री हुई। इससे 99 लाख, 50 हजार 673 रुपये राजस्व प्राप्त हुआ जबकि 21 फरवरी से 31 मार्च तक मात्र 63 ही जमीन की रजिस्ट्री हुई है, इससे मात्र 19 लाख, 71 हजार, 100 रुपये की प्राप्ति हुई हैं।
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