सिवान। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ पाने के लिए अब छात्रों का राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद से 'ए' ग्रेड प्राप्त कॉलेजों में दाखिला होना आवश्यक है। इस योजना के विभिन्न प्रावधानों में सरकार ने काफी बदलाव करते हुए यह अनिवार्य कर दिया है। अपर सचिव ने इस बारे में दिशा निर्देश भी जारी किया है। जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य के बाहर सक्षम प्राधिकार से मान्यता प्राप्त गैर सरकारी अथवा निजी शिक्षण संस्थानों में नामांकन के लिए चयनित वैसे छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिनके संस्थान को नैक द्वारा न्यूनतम ए ग्रेड प्राप्त हो। इसके अलावा संस्थानों में संचालित कार्यक्रमों का नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रीडिटेशन के द्वारा एक्रीडिटेशन प्राप्त हो या फिर भारत सरकार के केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा निर्धारित नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिग फ्रेमवर्क की रैंकिग प्राप्त हो। बता दें कि पूर्व में इसकी बाध्यता नहीं थी।

लैपटॉप खरीदने के लिए मिलेंगे 35 हजार :

योजना के अंतर्गत तकनीकी पाठ्यक्रमों में नामांकन लेने वाले छात्रों को योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले 4 लाख में हीं 35 हजार रुपए लैपटॉप खरीदने के लिए दिए जाएंगे। इस राशि को लाभुक छात्रों के खाते में भेजा जाएगा। बिहार राज्य से बाहर पढ़ने वाले छात्रों को नई नियमावली के तहत लाभ मिलेगा।

जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिये अब तक कुल 3562 आवेदन जमा हुए है। इसमें से 3529 आवेदनों को स्वीकृत किया गया है जबकि 33 आवेदन अस्वीकृत कर दिए गए हैं। वहीं 2421 छात्रों को इसका लाभ मिल भी चुका है। इसके अंतर्गत 26 करोड़ 11 लाख 17 हजार 379 रुपए का लोग भी दिया जा चुका है। वहीं 24 हजार 695 लाभार्थियों को स्वयं सहायता भत्ता योजना तथा 34 हजार 339 लाभुकों को कुशल युवा कार्यक्रम के तहत लाभ प्राप्त हो चुका है।

वर्जन

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के नियमों में परिवर्तन किया गया है। इस योजना के लिये आवेदन करने वाले छात्रों के शिक्षण संस्थानों की नैक से मान्यता की जांच भी की जाएगी। साथ हीं नैक से मान्यता प्राप्त निजी व सरकारी शिक्षण संस्थानों की लिस्ट भी लगाई गई है। योजना के प्रचार-प्रसार के लिए कई कार्यक्रम भी संचालित किये जा रहे हैं।

-अख्तर अली, प्रबंधक, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सिवान

Edited By: Jagran