सिवान। बड़कागांव में पटेल स्वाभिमान मंच के बैनर तले क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार की पुण्यतिथि मनाई गई। जयप्रकाश ¨सह ने कहा कि डॉ. साहब सशस्त्र विद्रोह द्वारा भारत माता को आजाद कराने में संघर्षरत रहे। जदयू के युवा नेता उमेश ¨सह पटेल ने कहा कि क्रांतिकारी डॉ. गया प्रसाद कटियार ने 1921 के असहयोग आंदोलन में भाग लिया था। वे विभिन्न फर्जी नामों से देश के विभिन्न स्थानों पर दवाखाना खोलते थे। वस्तुत: उनका दवाखाना क्रांतिकारियों का अड्डा होता था, जहां बम बनाने से लेकर क्रांतिकारी योजनाएं बनाई जाती थीं। राकेश कुमार ¨सह ने कहा कि बहुत कम लोगों को मालूम है कि फिरोजपुर स्थित इनके दवाखाने में ही सांडर्स की हत्या के लिए सरदार भगत ¨सह के केश व दाढ़ी काटे गए थे, जिसे पंजाब सरकार द्वारा राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया है। भगत ¨सह व बटुकेश्वर दत्त द्वारा जिन बमों को केंद्रीय असेंबली में फेंका गया था, उनका निर्माण भी डॉ. साहब की देखरेख में हुआ था। वे 15 मई 1929 को सहारनपुर बम फैक्ट्री का संचालन करते हुए गिरफ्तार हो गए और उनको लाहौर षड्यंत्र केस में आजीवन कैद की सजा दी गई। इसी केस में सरदार भगत ¨सह, सुखदेव एवं राजगुरु को फांसी व अन्य को लंबी-लंबी सजाएं दी गईं। इस अवसर पर कुमार विपेंद्र, रमेश कुमार ¨सह, रणविजय ¨सह, माधव ¨सह, विद्यानंद ¨सह, रामानंद ¨सह, कमलेश ¨सह, अजय ¨सह, भूपेश कुमार, विवेक पटेल, सकलदेव ¨सह, वींद्रनाथ ¨सह आदि उपस्थित थे। सभी लोगों ने भारत सरकार द्वारा इनके ऊपर डाक टिकट जारी करने का सहर्ष स्वागत भी किया।