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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेजी से बढ़ रहा रातो नदी का जलस्तर, अलर्ट

By JagranEdited By:
Published: Fri, 03 Jul 2020 08:59 PM (IST)Updated: Sat, 04 Jul 2020 06:08 AM (IST)

रातो नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।

तेजी से बढ़ रहा रातो नदी का जलस्तर, अलर्ट
तेजी से बढ़ रहा रातो नदी का जलस्तर, अलर्ट

सीतामढ़ी। रातो नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जलस्तर में वृद्धि से सुरसंड, चोरौत एवं पुपरी आदि प्रखंडों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बुधवार से ही खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन हाई अलर्ट जारी किया हुआ है। बागमती नदी मुजफ्फरपुर की सीमा पर कटौझा में खतरे के निशान से लगातार उपर चल रही है। अधवारा समूह की नदियां अभी स्थिर हो गई है। बैरगनिया में बागमती तटबंध के लिए खतरा बने रेलवे के एक परित्यक्त पुल को तोड़ने का आदेश हुआ है। कहा जा रहा है कि इस पुल को तोड़ने के बाद ही तटबंध की सुरक्षा हो सकेगी। शनिवार को यह पुल तोड़ा जाएगा। पुल तोड़ने और नहीं तोड़ने देने के लिए लोगों में एकराय नहीं है। इसलिए विधि व्यवस्था व शांति के लिए दंडाधिकारी तैनात किए गए हैं। इस बीच शहरी क्षेत्र में सर्किट हाउस (परिसदन) में पानी भर आया है। कई मोहल्लों में डेढ़-दो फीट पानी

शहरी क्षेत्र के कई मोहल्ले पानी से डूबे हुए हैं। आदर्श नगर में तो नाव चलाने की नौबत है। शहर के बड़े व्यवसायिक क्षेत्र कोट बाजार की गलियों में डेढ़ से दो फीट पानी बह रहा है। बरसात पूर्व नालों की उड़ाही नहीं हो सकी जिससे जल निकासी का कोई रास्ता नहीं बच गया है। घरों से निकला हुआ और बरसात का सारा पानी सड़क पर जमा हो रहा है। कोरोना संक्रमण के खतरे से अंजान ये बच्चे बीच सड़क पर पानी में मस्ती करते हुए दिख रहे हैं। पुरानी एक्सचेंज रोड में कपड़े की मंडी भी पानी से लबालब भर गई है। कोट बाजार का निचला पूरा इलाका त्राहिमाम कर रहा है। मोटरसाइकिलें चलने पर सड़क पर समंदर जैसी लहरें उठ रही हैं। वार्ड नंबर-14 रिगबांध के समीप का मोहल्ला भी जलमग्न हो गया है। उधर, वार्ड-18 आयकर गली में सड़क पर जलजमाव कायम है। यहां पूरा नाला ही जाम पड़ा है। मेन रोड में गोयनका कॉलेज गेट के समीप जर्जर सड़क पानी में डूबी हुई है। मेनरोड होने के कारण आवाजाही जारी है और लोग उसमें गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लोग प्रशासन को कोस रहे हैं मगर प्रशासन चैन की बांसुरी बजा रहा। इन इलाकों में व्यवसायियों के गोदाम में पानी घुस आया है जिससे सामान की काफी बर्बादी हो रही है।