रक्तदान से जरूरतमंदों को मिलता जीवन दान : डीएम
रक्तदान जीवनदान है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए ¨जदगी और मौत के बीच जूझता है।
सीतामढ़ी। रक्तदान जीवनदान है। इस बात का अहसास हमें तब होता है जब हमारा कोई अपना खून के लिए ¨जदगी और मौत के बीच जूझता है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान कई लोगों की ¨जदगी को बचाता है। सबसे अच्छी बात यह है कि रक्त देने से जरूरतमंद लोगों को जीवन दान मिलता है, बल्कि रक्तदाता को स्वास्थ्य लाभ भी होता है। उक्त बातें डीएम डॉ. रणजीत कुमार ¨सह ने भारतीय रेडक्रॉस जिला उपशाखा और अनुमंडल प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक संगठन के अलावा युवाओं के सहयोग से रविवार को डीएवी विद्यालय परिसर में आयोजित महा रक्तदान शिविर सह मेला में कही। उन्होंने कहा कि आज समाज में नैतिक शिक्षा होना काफी जरूरी हो गया है। युवाओं को अपने माता, पिता, बुजुर्ग के सम्मान की रक्षा करना चाहिए। वसुधैव कुटुम्बकम् की बात करते हुए कहा कि किसी इंसान का अच्छे और बुरे होने की बात उसके प्रति फीडबैक से मिलता है। कोई भी इंसान शत प्रतिशत अच्छा और बुरा नहीं होता। अच्छे व्यक्ति में भी बुराई और बुरे व्यक्ति में भी कुछ प्रतिशत अच्छाई होती है। खुश रहिए और दूसरों को खुश रखिए इस मूलमंत्र को जीवन में उतारने की अपील करते हुए इस तरह के इतिहास रचने वाले रक्तदान शिविर के आयोजन व सहयोग करने वाले सभी सरकारी, गैरसरकारी, सामाजिक संगठनों के योगदान की सराहना की। एसडीओ धनंजय कुमार ने कहा कि कीर्तिमान तो अपने आप बनता है। लेकिन, इस नेक कार्य में सब ने भागीदारी सकारात्मक रूप से दी। इसकी जितनी भी सराहना की जाए कम है। डीएसपी संजय कुमार पांडेय ने कहा कि मानवता की सेवा सर्वोपरि सेवा है और इनमें जीवनदायनी खून भी सिर्फ मानव रूपी फैक्ट्री में ही बनता है और वह उसी के काम आता है। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान आयोजक की ओर से डीएम को मिथिला पाग, शॉल और जानकी उछ्वव चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। संचालन अतुल कुमार और रंजीत कुमार मुन्ना ने बारी-बारी से किया। मौके पर पूर्व सांसद सीताराम यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार यादव, लायंस क्लब अध्यक्ष डॉ. कुमकुम सिन्हा, दरभंगा रेडक्रॉस के रामबाबू खेतान, मनमोहन सरावगी, सीतामढ़ी से डॉ. प्रतिमा आनन्द, डॉ. राजेश कुमार, आशुतोष चौधरी, विद्यालय के प्राचार्य प्रशांत गिरि, रामस्नेही पांडेय, पुलिस इंस्पेक्टर मुनेश्वर प्रसाद ¨सह, सीओ कृष्ण कुमार ¨सह, बीएओ योगेंद्र प्रसाद ¨सह, थानाध्यक्ष कर्पूरनाथ शर्मा आदि मौजूद थे। 53 की उम्र में 55 बार रक्तदान कर उमेश ने कायम की मिसाल
पुपरी (सीतामढ़ी) । अनुमंडल प्रशासन और रेडक्रॉस उपजिला शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक के अलावा युवाओं के सहयोग से डीएवी विद्यालय परिसर में शनिवार को आयोजित महारक्त दान मेला सह शिविर में वैसे तो मिशन 500 प्लस के तहत काफी संख्या में रक्तदान करने वालों का तांता लगा रहा। लेकिन, इनमें एक रक्तवीर ऐसे भी शामिल हुए जो हर तीसरे माह में करते हैं रक्तदान। कैंप लगाकर लोगों को जागरूक भी करते हैं। इस रक्तदाता के जज्बे को सलाम करते दिखाई दिए लोग। मूलरूप से दरभंगा शहर के रहमगंज निवासी उमेश प्रसाद 53 वर्ष की उम्र में 55 वें बार रक्तदान कर मिसाल कायम की। रक्तदाताओं के प्रेरणास्त्रोत उमेश बताते हैं कि वे वर्ष 1992 में मधुबनी के पूर्व सांसद शिवाचन्द्र झा की पुत्री को तबीयत खराब होने पर डीएमसीएच में पहली बार रक्तदान किया। इस दौरान अस्पताल के वार्ड में काफी लोग खून नहीं मिलने से परेशान हो रहे थे। यह देख उन्होंने नियमित रक्तदान करना और लोगों को जागरूक करना शुरू किया। पेशे से एलआइसी अभिकर्ता उमेश बताते हैं कि हर साल तीन बार रक्तदान करते हैं। उन्होंने एम्स दिल्ली, अपोलो पटना में एक-एक वार, महावीर कैंसर हॉस्पिटल, जीविका हर्ट हॉस्पिटल में दो-दो बार के बाद से डीएमसीएच में रक्तदान कर रहे हैं। दरभंगा रेडक्रॉस से जुड़े उमेश कहते हैं कि उनका ब्लड ग्रुप ओ निगेटिव है। उनका लक्ष्य 65 वर्ष की आयु तक 100 वार रक्दान करना है। बताया कि जब से रक्तदान किया तब से 12 वर्षो में दवा नहीं खानी पड़ी है। डीएमसीएच के पूर्व चिकित्सक स्व. डॉ. बीएम वर्मा व डॉ. आरके झा से प्रेरणा लेने की बात कहते हुए बताया कि आज के युग में मानवता खत्म होती जा रही है। ऐसे में लोग एक दूसरे के खून का प्यासे बनते जा रहे हैं। लेकिन, लोगों को खून का प्यासा नहीं, खून देकर दूसरे की जान बचाने के लिए जागरूक होने की जरूरत है। उन्होंने खासकर युवा वर्ग से मानवता के साथ-साथ खुद को स्वस्थ रखने के लिए रक्तदान की अपील की। 600 से अधिक लोगों ने रक्तदान कर लिखी नई इबारत
पुपरी (सीतामढ़ी)। अनुमंडल प्रशासन और रेडक्रॉस जिला उपजिला शाखा के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक के अलावा युवाओं के सहयोग से रविवार को डीएवी विद्यालय परिसर में महारक्त दान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान सबसे बड़ी पूजा, इससे बड़ा दान नहीं कोई दूजा के उद्देश्य से शिविर लगा। जिले में यह अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा। इसमें 500 प्लस लोगों से रक्तदान कराने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन, लोगों के उत्साह और सहयोग के कारण देर शाम तक 600 प्लस लोगों ने रक्तदान कर ब्लड डोनेशन की नई इबारत लिख दी। हालांकि, देर शाम तक रक्तवीरों की कतार लगे रहने के कारण आंकड़ा और बढ़ने की बात कही गई। उधर, रक्तदान को लेकर लोगों के उत्साह चरम पर थे। महिलाओं के साथ दिव्यांग भी रक्तदान के लिए आग आए। शिविर के सफल संचालन के लिए ढाई दर्जन से अधिक बेड लगाए गए थे। दरभंगा रेडक्रॉस के चेयरमैन रामबाबू खेतान, सचिव मनमोहन सरावगी, एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि मुकेश झा, सीतामढ़ी के डॉ. प्रतिमा आनंद, डॉ. राजेश कुमार के अलावा सदर अस्पताल सीतामढ़ी, एमकेसीएच मुजफ्फरपुर, डीएमसीएच दरभंगा ब्लड बैंक के काफी संख्या में पदाधिकारी और कर्मी की भागीदारी रही। सदर अस्पताल ब्लड बैंक के डॉ. अरुण कुमार ¨सह, पुपरी ब्लड स्टोरेज केन्द्र के शशि कुमार, मो. शमीम, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ.सुरेंद्र कुमार भी टीम में शामिल रही। शिविर को सफल बनाने में एसडीओ धनंजय कुमार, डीएसपी संजय कुमार पांडेय, सचिव अतुल कुमार, उपाध्यक्ष आशुतोष कुमार, रंजीत कुमार मुन्ना, थानाध्यक्ष कर्पूरनाथ शर्मा, राजकुमार मंडल, मानस जालान, इंद्र कुमार ¨सह, रवि वर्मा, चंदन कुमार, सुनील सागर, पंकज बाजोरिया, राकेश रंजन, अमरेंद्र पांडेय, पंकज ओमी, अनंजय प्रसाद, हृषिकेश चौधरी समेत काफी संख्या में राजनितिक, सामाजिक, शैक्षणिक संगठन, स्वयंसेवी संस्था से लेकर युवाओं की टोली की कड़ी मेहनत रही। सांसद, विधायक पहुंच कर रक्तदाताओं का बढ़ाया हौसला
पुपरी (सीतामढ़ी)। इस शिविर में आम और खास सभी तरह के लोगों ने रक्तदान के प्रति खास रूचि दिखाई। शिविर में सांसद रामकुमार शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने रक्तदाताओं को संबोधित कर हौसला अफजाई की। साथ ही एक नया रिकार्ड बनाए जाने को लेकर आयोजन से जुड़े सभी लोगों की सराहना की। इससे पूर्व विधायक डॉ. रंजू गीता ने शिविर में महिला रक्तदाताओं की काफी संख्या में भागीदारी को देख कहा कि महिला समृद्धि की दिशा में इनकी मौन क्रांति है। शिविर में रिक्शा चलाने वाले से लेकर खास लोगों ने रक्तदान किया। पुलिस-प्रशासन से लेकर बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, व्यवसाय, सामाजिक और राजनितिक संगठन, स्वयंसेवी संस्था से जुड़े लोगों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। एसआईटी के छात्रों के अलावा शहर समेत ग्रामीण इलाके के युवाओं ने रक्तदान किया।
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