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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सावन मास में भगवान शिव की होती है बेल पत्र से विशेष पूजा

By JagranEdited By:
Published: Fri, 10 Jul 2020 12:38 AM (IST)Updated: Fri, 10 Jul 2020 06:16 AM (IST)

प्रसन्न करना है तो श्रावण सोमवार को शिव कि विशेष पूजा की जाती है।

सावन मास में भगवान शिव की होती है बेल पत्र से विशेष पूजा
सावन मास में भगवान शिव की होती है बेल पत्र से विशेष पूजा

सीतामढ़ी। प्रसन्न करना है तो श्रावण सोमवार को शिव कि विशेष पूजा की जाती है। भगवान शिव बड़े ही दयालु हैं। वे अपने भक्त की पुकार जल्द ही सुन लेते हैं। श्रावण माह को हिन्दू धर्म में इसे बहुत ही पवित्र माह माना गया है। ये बातें पीतांबरा प्रतिष्ठान नरायणपुर के सदस्य पं.शुकेंद्र भार्गव ने कही। उन्होंने कहा कि सावन में भगवान शिव की अनेक प्रकार से पूजा की जाती है जिससे शिव प्रसन्न होते है। लेकिन श्रावण में सोमवार को बेलपत्र से भगवान शिव की विशेष पूजा करने से धन की दिक्कतें हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। श्रावण सोमवार को खास विधि से भगवान शिव की बेलपत्र से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। क्योंकि भगवान शिव की विशेष पूजा करने का दिन श्रावण का सोमवार रहता है। शिवजी को बेलपत्र अत्यधिक पसंद है। शिवलिग पर बेलपत्र चढ़ाने से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है, बड़े से बड़ा रोग दूर होता है, संतान सुख प्राप्त होता है। बिना कटे-फटे 11 या 21 बेल पत्र को शुद्ध पानी से साफ कर एक कटोरे में गाय के दूध में बेलपत्र डाल देना चाहिए। जिस विधि से शिवलिग पर पूजा करते है वह कर लीजिए। फिर दूध के कटोरे से बेलपत्र निकाल कर गंगाजल से स्वच्छ करना चाहिए। हर पत्ते पर चंदन से ॐ बनाना चाहिए और इत्र छिड़ककर शिवलिग पर ॐ नम: शिवाय मंत्र का जाप करते हुए सभी बेल पत्र चढ़ा कर आशीर्वाद लें।