साइबर ठगों की खैर नहीं! आठ दिन में दर्ज हुए 15 केस, चार मामलों में हुई रिकवरी; अब पकड़े जाएंगे अपराधी
सीतामढ़ी में साइबर थाना इसी 9 जून को खुला और महज हफ्तेभर में साइबर ठगी के 15 मामले दर्ज हुए हैं। उनमें से तीन मामले में पुलिस ने पैसे लौटवा दिए हैं। इस प्रकार साइबर ठगी के शिकार लोगों के लाखों रुपये उनके खाते में लौट आए हैं।

संवाद सूत्र, सीतामढ़ी: जिले में साइबर थाना खुलते ही साइबर अपराधियों की शामत आ गई है। पुलिस तेजी से उन पर नकेल कस रही है, जिससे पीड़ित को भी न्याय मिल पा रहा है। साइबर थाने में केस दर्ज होने के बाद कई लोगों के पैसे पुलिस के प्रयास से उनके खाते में लौट आए हैं।
इसके साथ ही लोगों का पुलिस पर भरोसा जागने लगा है कि साइबर अपराध के केस में उनका पैसा अब नहीं डूबेगा।
आपकी थोड़ी-सी चूक को हथियार बना साइबर ठग आसानी से आपके बैंक खाते से गाढ़ी कमाई उड़ा लेते हैं। ऐसे में आप तत्काल सिटिजन फाइनेंशियल फ्रॉड रिपोर्टिंग सिस्टम 1930 पर शिकायत करते हैं तो पुलिस के माध्यम से साइबर फ्रॉड के खाते में गए पैसे को होल्ड (फ्रीज ) करा देती है।
सीतामढ़ी में साइबर थाना इसी 9 जून को खुला और महज हफ्तेभर में साइबर ठगी के 15 मामले दर्ज हुए हैं। उनमें से तीन मामले में पुलिस ने पैसे लौटवा दिए हैं। इस प्रकार, साइबर ठगी के शिकार लोगों के लाखों रुपये उनके खाते में लौट आए हैं। मुख्यालय डीएसपी वन रामकृष्णा साइबर थाने के थानेदार बनाए गए हैं। उन्होंने यह जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस की पहल पर साइबर ठगी के शिकार तीन लोगों के पैसे उनके खाते में लौट आए हैं।
इन लोगों का लौट आया पैसा
डुमरा निवासी नरसिम मियां की पत्नी अख्तरी खातून के बैंक खाते से 25 हजार 600 रुपये निकाल लिए थे। वह राशि अब उनके खाते में लौट आई है। अख्तरी खातून और उनका परिवार का पैसा वापस मिलने से खुशी का ठिकाना नहीं है।
डुमरा के बलुआ गांव निवासी सियाराम सिंह के पुत्र भरत कुमार सिंह के बैंक खाते से 78 हजार रुपये निकाल लिए गए थे, जिसमें से 58 हजार 600 रुपये खाते में लौट आए हैं।
सहियारा थाना क्षेत्र के सिंगरहिया के रामाशीष महतो के पुत्र राजीव महतो के खाते से 43 हजार पांच सौ 76 रुपये निकाल लिए गए थे। उनके खाते में भी पूरा पैसा लौट आया है।
बसवरिया गांव के विक्रम प्रताप सिंह का मोबाइल गायब हो गया था। इसे लेकर उन्होंने साइबर थाने में केस दर्ज कराया था। पुलिस का कहना है कि उनका भी मोबाइल बरामद कर उनको सौंप दिया गया है।
अभी तो सिर्फ रिकवरी हुई है...
पुलिस की इस कामयाबी से आम लोगों में काफी खुशी है। जिस तरह से पुलिस कार्रवाई कर रही है, ऐसे में स्वाभाविक है कि साइबर थाने पर लोगों का भरोसा बढ़ेगा। थानेदार रामकृष्णा का कहना है कि ये तो अभी सिर्फ रिकवरी के मामले हैं। इसके बाद साइबर ठगों को गिरफ्तार करने पर हमारा जोर है। दूसरे प्रदेशों में बैठकर लोगों को ठगने वाले बदमाशों को गिरफ्तार करने की रणनीति पर काम चल रहा है।
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