यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कर्नाटक के बाद बिहार के स्कूल में हिजाब और बुर्के पर बवाल, हेडमास्टर को मिली धमकी; पत्र लिखकर मांगी सुरक्षा
Bihar Hijab Controversy कर्नाटक के बाद अब छात्राओं के हिजाब पहनकर आने पर जिले के एक सरकारी विद्यालय में बवाल ...और पढ़ें

HighLights
- विद्यालय में हिजाब पहनने से मना करने पर बवाल
- ग्रामीणों पर प्रधानाध्यापक को धमकाने का आरोप
जागरण संवाददाता, शेखपुरा। कर्नाटक के बाद अब छात्राओं के हिजाब पहनकर आने पर जिले के एक सरकारी विद्यालय में बवाल खड़ा हो गया है। यह बवाल गांव से शुरू होकर जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला पदाधिकारी तक पहुंच गया है।
विद्यालय में हिजाब पहनने से मना करने पर कुछ अभिभावकों ने प्रधानाध्यापक को धमकी देने के साथ विद्यालय में भी तालाबंदी करने की चेतावनी दी है। यह मामला जिला के शेखोपुरसराय नगर पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय चरुआवां का है।
इधर, डरे-सहमे प्रधानाध्यापक सत्येद्र कुमार चौधरी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला पदाधिकारी को लिखित पत्र देकर सुरक्षा की मांग की है।
इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रकाश सिंह ने बताया यह मामला काफी गंभीर है, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को जांच करके रिपोर्ट देने का निर्देश दिया गया है। इसको लेकर शिक्षक संघ ने भी प्रधानाध्यापक के जानमाल की सुरक्षा और सरकारी विद्यालयों में सरकारी व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने की मांग की है।
क्या है मामला ?
जिला मुख्यालय से लगभग 20 किमी दूर चरुआवां उत्क्रमित विद्यालय में काफी संख्या में मुस्लिम बच्चे भी पढ़ते हैं। सरकारी योजना से सभी छात्र-छात्रा को स्कूल ड्रेस के लिए राशि दी जाती है,मगर मुस्लिम समुदाय की छात्राएं स्कूल ड्रेस के बजाय बुर्का और हिजाब पहनकर विद्यालय आती है।
प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बताया छात्राओ को विद्यालय में बुर्का और हिजाब के बजाय स्कूल ड्रेस में आने के लिए कहा जाता है तो मुस्लिम अभिभावक विद्यालय आकर धमकी देते हैं।
29 नवंबर को विद्यालय में हिजाब और बुर्का की मनाही करने पर बड़ी संख्या में लोग विद्यालय में घुसकर बबाल किया और धमकी भी दी। इसको लेकर जिला पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी दोनों को अलग-अलग लिखित आवेदन देकर सुरक्षा की मांग की गई है।
ग्रामीणों का यह कहना
विद्यालय में बुर्का और हिजाब विवाद पर गांव के मुसलमानों ने इसे अपने धर्म और आस्था से जुड़ा मामला बताते हुए प्रधानाध्यापक और शिक्षकों पर विवाद को बढ़ाने का आरोप लगाया है। यहां के पूर्व मुखिया और ग्रामीण मो असलम ने कहा अगर विवाद बढ़ा तो स्कूल में ताला लगा देंगे।
हमारे बच्चे क्या पहनेंगे यह तय करने वाला प्रधानाध्यापक कौन होता है। हिजाब और बुर्का इस्लाम धर्म से जुड़ा मुद्दा है। इसमें कोई बनाही कैसे कर सकता है। मो असलम ने बताया छात्राओं के बुर्का और हिजाब पहनने पर प्रधानाध्यापक जानबूझकर विवाद खड़ा कर रहे हैं।
इसको लेकर हमने जिला शिक्षा पदाधिकारी से भी मिलकर स्थिति स्पष्ट कर दी है कि हिजाब और बुर्का मुस्लिम का निजी मामला है, इसमें छेड़छाड़ और विवाद को नहीं बढ़ाया जाए।
क्या बोले अधिकारी?
इधर, स्कूल में बुर्का और हिजाब विवाद पर जिला पदाधिकारी का पक्ष नहीं मिल पाया। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे गंभीर मामला बताया है।
विद्यालय में बुर्का और हिजाब नहीं चलेगा। विद्यालय में विद्यालय का ड्रेस पहनकर आना है। वहां के प्रधानाध्यापक ने लिखित रूप से यह मामला दिया है। इसकी जांच के लिए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है। - ओमप्रकाश सिंह, डीईओ, शेखपुरा।
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