Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Riga Sugar Mill Update: बढ़ा इंतजार, अब 15 दिसंबर तक चीनी मिल शुरू होने के आसार; जानें कहां फंसा है पेच?

    Updated: Tue, 03 Dec 2024 03:18 PM (IST)

    रीगा चीनी मिल के दोबारा संचालन में देरी हो रही है। अब मिल के 15 दिसंबर तक शुरू होने की उम्मीद है। मिल के अधिग्रहण के बाद भी निरानी शुगर्स कागजी प्रक्रिया तकनीकी कारण और स्थानीय परेशानियों से जूझ रही है। किसानों और मजदूरों का करोड़ों रुपये बकाया है। पहले मिल को दिवालिया घोषित किया गया था। कोर्ट के आदेश पर नीलामी हुई। बेंगलुरु की निरानी शुगर्स ने अधिग्रहण किया।

    Hero Image
    बढ़ा इंतजार, अब 15 दिसंबर तक चीनी मिल शुरू होने के आसार

    नीरज, शिवहर। चार साल से बंद पड़ी शिवहर-सीतामढ़ी सहित उत्तर बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाली रीगा चीनी मिल के दोबारा संचालन होने में अभी पेच बरकरार है। मिल का अधिग्रहण करने के बाद पहली दिसंबर से इसके संचालन की बात कही गई थी, लेकिन कुछ कागजी प्रक्रिया के लंबित रहने, तकनीकी कारण और स्थानीय परेशानियों से जूझ रही निरानी शुगर्स ने अब चीनी मिल संचालन के लिए 15 दिसंबर की तिथि तय की है। इसके पहले दस दिसंबर को मिल में रोलर की पूजा की जाएगी।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    मिल प्रबंधन द्वारा अब भी मशीनों को दुरुस्त करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, कोलकाता ट्रिब्यूनल कोर्ट के दो-दो नोटिस के बाद भी मिल के आवासीय भवनों पर कुछ कर्मियों का कब्जा बरकरार है। क्वार्टर नहीं खाली हो इसके लिए इन लोगों द्वारा तरह-तरह के तिकरम अपनाए जा रहे है। पैरवी लगाए जा रहे और मिल अधिकारियों को धमकी भी दे रहे हैं। क्वार्टर खाली करने का दवाब बनाने पर मिल के अधिकारियों को धमकाने की भी बात सामने आई है।

    मिल के एक अधिकारी को मोबाइल पर कॉल कर देख लेने व पत्नी से मुकदमा कराने की धमकी तक दी गई है। इधर, मिल के अधिकारियों ने पांच कर्मियों द्वारा अब भी क्वार्टर पर कब्जे को लेकर कोलकाता ट्रिब्यूनल कोर्ट द्वारा लिक्विडेटर घोषित नीरज जैन को पत्र भेजा है। शिवहर के किसान बदरी प्रसाद व मनोज सिंह की माने तो मिल नीलाम हो गया है लेकिन मिल के पुराने मालिक के लोग नहीं चाहते है कि दोबारा चीनी मिल का संचालन हो सके। यही वजह है कि क्वार्टर पर कब्जा जमाया गया है और मिल के अधिकारियों को धमकाया जा रहा है। कहा कि उत्तर बिहार के किसान चाहते हैं कि हर हाल में मिल चले।

    इधर, निरानी शुगर्स के सीएमडी मंगुरेश एस. निरानी द्वारा लगातार कागजी प्रक्रिया बढ़ाई जा रही है। नौ सितंबर को हुई मिल की नीलामी की प्रक्रिया के बाद पांच करोड़ रुपये जमा करा दिए गए थे। अब नौ दिसंबर तक शेष बचे 81.50 करोड़ रुपये जमा कराने है। निरानी शुगर्स द्वारा रुपये जमा कराए जाने के साथ बंद पड़े मिल के चिमनी से धुएं निकलने शुरू हो जाएंगे।

    बताते चलें कि गन्ना किसानों व मजदूरों के लगभग 150 करोड़ रुपये बकाया रहने के कारण लगातार घाटे का हवाला देते हुए मार्च, 2020 में चीनी मिल के सीएमडी ओपी धानुका ने संचालन बंद कर दिया था। दिवालिया घोषित कर दिया था। इसके बाद देनदारों ने मुकदमा किया था। कोलकाता ट्रिब्यूनल कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी। वर्ष 2022 में कोर्ट ने मिल को नीलाम कर देनदारी के भुगतान का निर्देश दिया था। कई बार की ई-नीलामी विफल रही।

    बाद में सितंबर माह में हुई ई-नीलामी की प्रक्रिया में बेंगलुरु की निरानी शुगर्स लिमिटेड ने 86.50 करोड़ में चीनी मिल का अधिग्रहण कर लिया। इसके बाद से निरानी शुगर्स की टीम रीगा में चीनी मिल संचालन में लगी हुई है। मशीनों को दुरूस्त किया जा रहा है। एक बायलर दुरुस्त हो चुका है। दूसरे को ठीक किया जा रहा है। मिल के अधिकारी किसानों को गन्ने की उन्नत प्रभेद की खेती के लिए गांवों का दौरा कर रहे है। किसानों को पहली दिसंबर से मिल संचालन की उम्मीद थी। हालांकि अब उनका इंतजार बढ़ गया है।

    सीतामढ़ी-शिवहर में गन्ना किसानों के हक की आवाज बुलंद कर रहे बिहार राज्य ईंख कास्तगार संघ के महासचिव सह ईंखोत्पादक संघ अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि निरानी शुगर्स के सीएमडी मंगुरेश एस. निरानी से उनकी वार्ता हुई है। 15 दिसंबर तक हर हाल में मिल का संचालन शुरू हो जाएगा।