Mukhiya constructed a bridge: मुखिया ने निजी खर्चे से पुल बना बदल दी गांव की तस्वीर,आना-जाना हुआ आसान
बहरौली पंचायत के मुखिया अजीत सिंह ने घोघाड़ी नदी पर पुल के लिए सांसद विधायक एमएलसी सभी से कई बार गुहार लगाया लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फिर निराश होकर मुखिया अजीत सिंह ने हार नहीं मानी और थक हार कर निजी राशि खर्च कर घोघाड़ी नदी पर पुल बनवाया

संसू मशरक (सारण)। मशरक का बहरौली पंचायत आज विकास में आत्मनिर्भर है। क्योंकि यहां के मुखिया की सोच केवल विकास को लेकर है। वही इनकी अच्छी सोच के कारण ही यहां के मुखिया ने निजी खर्चे से घोघाड़ी नदी पर पुल का निर्माण करवा कर, आसपास के कई गांवों को आत्मनिर्भर बना दिया।
मशरक प्रखंड से करीब 6 किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित है प्रखंड का विकासशील पंचायत बहरौली, जिसकी आबादी दो हजार के करीब है वही पंचायत के एक किनारे से घोघाड़ी नदी गुजरती है जिसके उस पार बहादुरपुर, कवलपुरा, बंगरा, पदमपुर, पदमौल, सपही , डुमरसन समेत दर्जनों गांव हैं। वही इन दोनों गांवों को जोड़ने के लिए नदी पर पुल नहीं रहने और जो पुल हैं उसकी दूरी ज्यादा रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
वही बहादुरपुर गांव में उच्च विद्यालय, इंटर कॉलेज समेत ग्रामीण बैंक हैं। बहरौली गांव के लोगों को जानें के लिए 4 किलोमीटर की दूरी फेरा कर कवलपुरा गांव होकर जाना पड़ता है। वही बहरौली के ग्रामीणों की खेती की जमीन भी नदी उस पार हैं।
बहरौली पंचायत के मुखिया अजीत सिंह ने घोघाड़ी नदी पर पुल के लिए सांसद, विधायक ,एमएलसी सभी से कई बार गुहार लगाया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। फिर निराश होकर मुखिया अजीत सिंह ने हार नहीं मानी और थक हार कर निजी राशि खर्च कर घोघाड़ी नदी पर पुल बनवाया जिसका निर्माण कार्य अभी चल रहा है। वही पुल से आने जाने वाले लोगों ने बताया कि पुल बन जानें से दर्जनों गांवों को आने जाने में आसानी होगी।
बातचीत करने पर मुखिया अजीत सिंह ने बताया कि पुल की लंबाई मिट्टीकरण सहित 70 फीट है जबकि केवल पुल की लंबाई 30 फीट है, जिसमें कुल 7 सायफन है,जिसकी लागत लगभग 8 लाख रुपए है। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ मुझे दूसरी बार मौका दिया था उसी विश्वास को बरकार रखते हुए पंचायत के विकास में एक कड़ी पुल का विकास भी जुड़ा। वही बातचीत करने पर स्थानीय लोगों ने बताया कि एसएच 90 से डायरेक्ट 227 ए राम जानकी पथ को जोड़ने में राम बाण जैसा काम हुआ है।
सांसद और विधायक से दर्जनों बार पुल निर्माण की मांग की गयी थी वहीं सांसद ने आश्वासन दिया पर ध्यान नहीं दिया
अजीत सिंह मुखिया बहरौली
बहरौली पंचायत मशरक का सबसे विकासशील पंचायत हैं मुखिया ने पंचायत की सभी सड़कें पक्कीकरण करा दी हैं वहीं विकास के मामले में अव्वल पंचायत हैं ।
कुमार रजनीश उर्फ झुन्ना पांडेय वरिष्ठ भाजपा नेता
मशरक प्रखंड का विकासशील पंचायत है बहरौली। मुखिया अजीत सिंह हमेशा विकास को लेकर कुछ ना कुछ नया करते रहते है।
जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामाधार सिंह
बहरौली मुखिया द्वारा निर्माण कराए गए पुल के कारण एसएच 90 से 227 ए राम जानकी पथ की दूरी ग्रामीणों सहित राहगीरों के लिए कम हो गई है।
पप्पू सिंह समाजसेवी
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