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    Saran News: फर्जी आधार कार्ड से आर्केस्ट्रा की लड़कियों को दी जाती है नई पहचान, सामने आई चौंकाने वाली जानकारी

    Updated: Tue, 27 May 2025 02:46 PM (IST)

    छपरा में आर्केस्ट्रा की चकाचौंध के पीछे नाबालिग लड़कियों के शोषण की भयावह कहानी सामने आई है। पुलिस से बचाने के लिए उनके फर्जी आधार कार्ड बनाए जाते हैं जिनमें गलत पहचान और उम्र दर्ज होती है। इन लड़कियों को अच्छे नौकरी के नाम पर लाया जाता है फिर उनसे छोटे कपड़े पहनकर नाचने पर दबाव डाला जाता है और विरोध करने पर प्रताड़ित किया जाता है।

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    सारण: फर्जी आधार कार्ड से आर्केस्ट्रा की लड़कियों को दी जाती है नई पहचान

    अमृतेश, छपरा। आर्केस्ट्रा की चकाचौंध के पीछे छिपे लड़कियों के शोषण एवं प्रताड़ना की कहानी इतनी भयावह है कि इसे जानकर लोगों का कलेजा पिघल जाएगा।

    आर्केस्ट्रा में नाबालिग लड़कियों को पुलिस से बचाने के लिए उनका फर्जी आधार कार्ड भी बनाया जाता है। उसमें उनका उम्र 18 साल से अधिक एवं पता पश्चिम बंगाल एवं उड़ीसा के बदले सारण जिले का कर दिया जाता है।

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    पूरी तरह से फर्जी आइडी(आधार कार्ड) पर नाबालिग लड़कियों को बालिग बनाकर आर्केस्ट्रा में नचवाया जाता है। रेस्क्यू टीम द्वारा बरामद लड़कियों के आधार कार्ड से यह खुलासा हुआ है।

    रेस्क्यू टीम एवं पुलिस द्वारा बरामद लड़कियां अपनी पहचान और उम्र आधार कार्ड से बताती हैं जो जांच में अक्सर फर्जी निकलता है।

    जिन लड़कियों को भोजपुरी एवं हिन्दी तक समझ में नहीं आती है उनका भी आधार कार्ड सारण जिले का बना रहता है।

    इतना ही नहीं आर्केस्ट्रा संचालक इन लड़कियों को इतना डरा धमका देते हैं कि यह पुलिस को भी गुमराह करती हैं। उसके कारण आर्केस्ट्रा संचालकों पर स्थानीय पुलिस प्रशासन कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं कर पाती है।

    बताया जाता है कि इन लड़कियों को अच्छे जाब प्रोफ़ाइल के नाम पर यहां लाया जाता है। इसके बाद उनसे आर्केस्ट्रा में डांस करने का काम कराया जाता है।

    छोटे व तंग कपड़े पहन कर डांस करने को रहता है दबाव

    रेस्क्यू टीम एवं पुलिस को बरामद लड़कियों ने बताया है कि स्टेज पर उनके साथ अक्सर छेड़छाड़ होता है। उसका वह विरोध भी नहीं कर पाती हैं।

    आर्केस्ट्रा संचालक इन लड़कियों को जबरन छोटे कपड़े एवं पहनकर डांस करने के लिए दबाव डालते हैं। आर्केस्ट्रा में काम करने वाली अधिकांश लड़कियां समय के साथ इस परिवेश में ढ़ल जाती हैं।

    एक महिला पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि इन लड़कियों के साथ आर्केस्ट्रा संचालक भी यौन शोषण करते हैं। पीरियड के समय भी अगर सट्टा हो तो इन छुट्टी नहीं मिलती है।

    फर्जी पुलिस सत्यापन का मिला है दस्तावेज

    सारण जिले में आर्केस्ट्रा के अड्डे पर छापेमारी के दौरान रेस्क्यू टीम एवं पुलिस को कुछ फर्जी दस्तावेज मिले थे। उसे देखकर पुलिस का भी दिमाग घूम गया था।

    यहां पुलिस को आर्केस्ट्रा में काम करने वाली लड़कियों के फर्जी पुलिस सत्यापन से संबंधित दस्तावेज भी मिला था।