संसू नयागांव: शहीदों के चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले..। लेकिन 11 अगस्त 1942 को पटना सचिवालय पर तिरंगा फहराने के दौरान अपने छह साथियों के साथ शहीद होने वाले बहेरवा गाछी गांव के राजेंद्र ¨सह अपने ही गांव में भुला दिए गए। नयागांव रेलवे स्टेशन के सामने उनका स्मारक बनाया गया है। स्वतंत्रता दिवस , गणतंत्र दिवस सहित राष्ट्रीय महत्व के अन्य आयोजनों से लेकर जन सभाओं में लोग स्व. राजेंद्र ¨सह का नाम दुहराते हैं। लेकिन इसे विडंबना कहें कि जिस शहीद राजेंद्र के नाम से नयागांव गौरवान्वित होता रहा है, उसे ही भुला दिया गया। शहादत दिवस पर भी क्षेत्र के समाजसेवियों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं व प्रबुद्धजनों के साथ उनके गांव वाले भी उनके स्मारक पर नमन करना भूल गए। श्रद्धा सुमन अर्पित करना भूल गए। शहीद का स्मारक एक अदद फूल के लिए इंतजार करता रहा। शहादत दिवस पर भी शहीद के स्मारक के चारों तरफ चाट, समोसे, जलेबी की दुकानें प्रति दिन की तरह सजी। खाने के बाद लोग वहां गंदगी फैलाते रहे। लेकिन किसी

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