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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 26, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिविल सर्वेंट के बाइक सवार भाई को बालू लदे तेज रफ्तार ट्रक ने 20 मीटर तक घसीटा, मौत; एक घायल, ड्राइवर को पकड़ा

By Prawin KumarEdited By: Prateek Jain
Published: Fri, 26 May 2023 04:03 PM (IST)

Chhapra Road Accident छपरा-रेवा NH-722 स्तिथ भेल्दी थाना क्षेत्र के सराय बक्स पलमुआ पुल के समीप से सिरसा की तरफ ...और पढ़ें

सिविल सर्वेंट के बाइक सवार भाई को बालू लदे तेज रफ्तार ट्रक ने 20 मीटर तक घसीटा, मौत
सिविल सर्वेंट के बाइक सवार भाई को बालू लदे तेज रफ्तार ट्रक ने 20 मीटर तक घसीटा, मौत

HighLights

  1. तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो लोगों को मारी टक्‍कर, एक की मौत
  2. कुछ महीने पहले मृतक के बेटे की भी हो चुकी है मौत
  3. लोगों ने सड़क जाम कर दो घंटे तक किया हंगामा

भेल्दी (सारण), जागरण टीम: छपरा रेवा एनएच 722 स्तिथ भेल्दी थाना क्षेत्र के सराय बक्स पलमुआ पुल के समीप से सिरसा की तरफ जाने वाली ग्रामीण सड़क पर अपाचे बाइक से घर आ रहे दो लोगों को बालू लदे ट्रक के चालक ने तेजी से भागने के दौरान सीधी टक्‍कर मार दी।

घटना में बाइक चला रहे भेल्दी थाना क्षेत्र के हैं सरायबक्स बरकुरुवा टोला निवासी संतोष सिंह की मौत मौके पर ही हो गई, जबकि बाइक पर सवार दूसरे व्यक्ति केदार सिंह घायल हैं, उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद ट्रक चालक मौके से भागने लगा, लेकिन आगे ग्रामीणों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

2 घंटे तक जाम रहा रोड

सड़क दुर्घटना की सूचना जैसे ही स्थानीय ग्रामीणों को मिलेगी कि सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए विरोध में आगजनी कर एनएच 722 पर ट्रक व ट्रैक्टर लगाकर 2 घंटे तक सड़क जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। घटना की सूचना होने पर प्रशासन मौके पर पहुंच लोगों को समझा-बुझाकर सड़क जाम हटवाया।

इस संबंध में घटनास्थल से मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को सरायबक्स पुल से सिरसा की तरफ जाने वाली सड़क पर अपाचे बाइक से संतोष सिंह अपने गांव के केदार सिंह के साथ घर की तरफ लौट रहे थे।

दूसरी तरफ अवैध बालू कारोबारी प्रशासन से बचने के लिए अपनी गाड़ी को एनएच 722 सड़क से हटाकर ग्रामीण सड़क की ओर लेकर भाग रहे थे।

ट्रक ड्राइवर ने खो दिया था वाहन पर से अपना नियंत्रण

इसी दौरान पुल से करीब 200 मीटर आगे तेजी से भागने के दौरान बालू लदा ट्रक का ड्राइवर ने अपना नियंत्रण खो दिया। गति तेज होने के कारण चालक ने बाइक में सीधी टक्‍कर मार दी। बाइक सवार दोनों लोग कुछ समझ पाते तब तक बाइक चला रहे संतोष सिंह ट्रक की चपेट में आ गए।

इसके बाद ट्रक चालक रुकने के बजाय करीब 20 मीटर तक आगे घसीटता चला गया, जिसमें घटनास्थल पर ही संतोष सिंह की मौत हो गई। बाइक पर पीछे बैठे केदार सिंह घायल हो गए।

घटना होने के बाद ट्रक लेकर चालक मौके से फरार हो गया कुछ दूर आगे जाने पर ग्रामीणों ने ट्रक को पकड़ लिया मगर मौके का फायदा उठाकर चालक फरार हो गया। घटना की सूचना आसपास के क्षेत्र में आग की तरह फैल गई।

लोगों ने प्रशासन के खिलाफ की नारेबाजी

स्वभाव से मिलनसार संतोष सिंह के लिए भारी संख्या में भीड़ जुट गई। लोग प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। देखते-देखते उग्र भीड़ एनएच 722 पर पहुंच गई।

वहां पहुंचने के बाद ट्रक व ट्रैक्टर को इस पर लगाकर बांस-बल्ली से घेर दिया। लोगों ने विरोध में आगजनी की, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

घटना की सूचना होने पर अमनौर बीडीओ मंजूल मनोहर मधुर सीओ मृत्युंजय कुमार, प्रभारी थानाध्यक्ष विभा रानी, एसआई कमलेश कुमार सिंह घटनास्थल पर पहुंचे, जहां काफी समझाने के बाद करीब 2 घंटे बाद शव को कब्‍जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

इसके बाद लोगों ने सड़क से वाहनों को हटाया घटना के बाद पुलिस प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुट गई है। सड़क जाम के दौरान लोग अवैध बालू के खिलाफ काफी आक्रोशित थे। मौके पर पहुंचे प्रशासन से इसकी शिकायत कर रहे थे।

कुछ माह पूर्व ही हो गई थी पुत्र की मौत

दर्दनाक सड़क हादसे में अपनी जान गवा बैठे संतोष सिंह पिछले 4 माह से काफी गम में थे, उनके इकलौते पुत्र 15 वर्षीय शशी कुमार सिंह की मौत अचानक ठंड के मौसम में हो गई थी। अपने जवान पुत्र को खोने के दर्द में वह अक्सर गम में रहते थे।

घटना के बाद पत्नी संध्या देवी अपनी दोनों पुत्री का काजल, राखी के साथ अपने पति के शव से लिपट-लिपट कर बार-बार बेहोश हो जा रही थी। रोते हुए पत्नी बता रही थी कि कुछ माह पूर्व ही पुत्र की मौत हो गई थी अब एक पति का सहारा था अब उनकी भी मौत हो गई।

बता दें कि संतोष सिंह तीन भाई थे, जिसमें उनके एक भाई पूर्व सरपंच सुजीत सिंह की भी मौत हो गई थी, जबकि दूसरे भाई कोलकाता में सिविल सर्विस में कार्यरत हैं। उनकी मां और पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। अब पत्नी और सिर्फ 2 बच्ची ही बचे हैं।

क्या कहते हैं अधिकारी

सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को तत्काल 20 हजार रुपए की सहायता प्रदान की गई है। नियम के अनुसार, जो भी अनुदान होगा मृतक के परिजनों को जल्द से जल्द दिया जायेगा। - मंजूल मनोहर मधूप, बीडीओ, अमनौर