पावर सब स्टेशन का विरोध, जेई को बनाया बंधक
दिघवारा (सारण), नि.सं.: दिघवारा विद्युत उपकेन्द्र चार्जिग का नागरिकों ने न सिर्फ विरोध किया बल्कि कनीय अभियंता विद्युत निरंजन कुमार को घंटों बंधक बनाया। शुक्रवार की अपराह्न 2 बजे बंधक बने जेई थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह की पहल पर शाम 5 बजे रिहा हुए। वह भी आश्वासन के साथ कि नागरिकों की मांग आलाधिकारी के समक्ष रखकर 3.15 एमवीए का दो ट्रांसफार्मर तथा नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दो अलग-अलग फीडर देने के बाद ही चार्ज और सप्लाई की व्यवस्था की जाएगी। क्योंकि एक 3.15 एमवीए का ट्रांसफार्मर दूसरे जगह भेज दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गत 31 दिसंबर को विद्युत कार्यपालक अभियंता गणेश चौधरी ने बनकर तैयार दिघवारा पावर सब स्टेशन का निरीक्षण किया। प्राक्कलित 3.15 एमवीए के दो ट्रांसफार्मर की जगह एक ट्रांसफार्मर का आयल लीक कर रहा था। इस पर लोगों ने सवाल दागा। कार्यपालक अभियंता ने स्वीकार किया कि 3.15 एमवीए के ट्रांसफार्मर 100 केवीए का मात्र 30 से 35 ट्रांसफार्मर का लोड ले सकता है। यदि दोनों ट्रांसफार्मर होते तो आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त होती। बावजूद शुक्रवार को चार्जिग तिथि तय हुई। टेक्नो कंपनी के परियोजना पदाधिकारी एस. माइटो ने नारियल फोड़ कर उद्घाटन भी कर दिया। ट्रांसफार्मर चार्ज करने जैसे ही जेई निरंजन कुमार आए, लोगों ने एसई मुर्दाबाद का नारा लगाना शुरू किया और पावर हाउस के कमरे में ही बंधक बना लिया।
आंदोलनकारियों का तर्क था कि 17 सितम्बर को मानपुर में विद्युत केबल गिरने से सात लोगों की मौत सहित कई हादसे हुए हैं। तभी भी ओवर लोड की समस्या खत्म नहीं हो रही7 ऐसे में दि 3.15 एमवीए से आपूर्ति होती है तो 11000 वोल्ट के सिंगल लाइन से आपूर्ति संभव है क्या? लीकेज ट्रांसफार्मर क्या लोड ले सकेगा? जेई निरंजन कुमार के तर्क काम नहीं आए और नहीं हुआ चार्ज। बहरहाल, देखना तो यह है कि दिघवारा पावर सब स्टेशन कब काम शुरू करता है।
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