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    यूपी के वाराणसी एनकाउंटर में मारे गए दोनों युवक बिहार के समस्तीपुर न‍िवासी, इस मामले में हुए थे गिरफ्तार

    By Jagran NewsEdited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 21 Nov 2022 12:34 PM (IST)

    Varanasi encounter समस्तीपुर के मोहिउद्दीनगर स्थित आनंदगोलवा का रहने वाला है रजनीश और मनीष।बैंक लूटकांड में पैतृक गांव से ही हुई थी गिरफ्तारी। रजनीश को छोड़ने के आरोप में उस समय के थानाध्यक्ष भी हो गए थे निलंबित।

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    बीच में लाल साड़ी में रोती-बिलखती मां। फोटो-जागरण

    समस्तीपुर, जासं। वाराणसी में सोमवार की सुबह मारे गए बदमाश रजनीश और मनीष समस्तीपुर के मोहिउद्दीनगर स्थित आनंदगोलवा के रहनेवाले थे। ये छह भाई है। सबसे बड़े भाई रंजीत सिंह की बीमारी से मौत हो चुकी है। दूसरा भाई सरोज सिंह छत्तीसगढ़ में नौकरी करते हैं।  ललन सिंह घटनास्थल से फरार है। चौथे भाई मनीष सिंह (35) और पांचवें भाई रजनीश सिंह (32) की , पुलिस इनकाउंटर में मौत हो चुकी है। छठा भाई ब्उआ सिंह हत्या के एक मामले में हाजीपुर जेल में बंद है। उसपर बिदुपुर थाना में एक हत्या का मामला दर्ज है। पिता शिवशंकर सिंह (70)अभी जमानत पर हैं। वे पक्षाघात के भी शिकार हैं। 

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    छह मार्च, 2017 को बाढ़ के बेलछी थाना क्षेत्र के बाघाटिलहा गांव के समीप पंजाब नैशनल बैंक की शाखा से 60 लाख रुपये की लूट और गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और चालक अजीत यादव की हत्या में सभी आरोपित थे। 30 मार्च, 2017 को पटना के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक मनु महराज ने पिता शिवशंकर सिंह, मनीष व ललन को आनंदगोलवा से गिरफ्तार किया था। रजनीश की गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने पर मोहिउद्दीनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष असगर इमाम को निलंबित कर दिया गया था। वैसे, एक साल बाद रजनीश को गिरफ्तार कर लिया गया था। उनके यहां से लूट के 45 लाख रुपये बरामद हुए थे। पिता शिवशंकर सिंह फिलहाल जमानत पर हैं।

    आनंदगोलवा स्थित घर पर रूदन क्रंदन, माहौल गमगीन

    ललन की शादी हो चुकी थी। उसकी पत्नी और दो बच्चे घर पर ही हैं। मां रेशमी देवी को घटना की जानकारी मिल चुकी है। वे रोते-रोते बेजार है। आस-पास के लोग भी उन्हें सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। फिलहाल वहां मातमी सन्नाटा है।

    बैंक लूटकांड में आनंदगोलवा से ही हुयी थी गिरफ्तारी

    छह मार्च, 2017 को बेलछी थाना क्षेत्र के बाघाटिलहा गांव के समीप पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से दिनदहाड़े 60 लाख रुपये लूटने के मामले में तीनों भाई आरोपित था। उस लूटकांड में बैंक के गार्ड योगेश्वर पासवान, सुरेश सिंह और चालक अजीत यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उस मामले में पटना के तत्कालीन एसपी मनु महराज ने तीनों की गिरफ्तारी आनंदगोलवा से ही की थी। पुलिस दोनों भाई को पटना ले गयी थी, वहीं तीसरे भाई को स्थानीय पुलिस के पास छोड़ दिया था। जिसे स्थानीय पलुिस ने छोड़ दिया था। उस मामले में मोहिउद्दीनगर के तत्कालीन थानाध्यक्ष असगर इमाम को निलंबित भी किया गया था। एक साल बाद रजनीश की गिरफ्तारी सिवना से हुयी थी।

    सात सितंबर को बाढ़ हाजत से फरार हुए थे तीनों भाई 

    बैंक लूट मामले में गिरफ्तारी के पांच वर्ष बाद तीनों अपराधियों को बाढ़ उपकारा से न्यायालय में पेशी के लिए बाढ़ कोर्ट परिसर की हाजत में दोपहर 12 बजे लाया गया था। मामले की सुनवाई एडीजे-05 रवि रंजन मिश्रा के न्यायालय में होनी थी। पेशी के पहले ही तीनों बदमाश हाजत से सटे बाथरूम की दीवार को तोड़कर करीब तीन बजे फरार हो गए थे। तबसे तीनों फरार चल रहे थे। 

    जमीन के नीचे कैन में रखे मिले थे 45 लाख रुपये

    बेलछी लूटकांड के सरगना की तलाश में स्थानीय पुलिस कई बार उसके पैतृक आवास आनंदगोलवा में दबिश दी थी। गिरफ्तारी के बाद दो भाईयों से पटना में पूछताछ की गई। उसने ही बतया था कि घर में अमरूद के पेड़ के नीचे जमीन के अंदर कैन में 45 लाख रुपये हैं। उसकी निशानदेही पर रुपये की बरामदगी हुयी थी। इस मामले में पिता को भी गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में उन्हें जमानत मिल गयी थी। उस समय से वे बाहर ही हैं।