उमा पांडे महाविद्यालय में भौतिक संसाधन व शिक्षकों की कमी
पूसा स्थित उमा पांडे महाविद्यालय। यहां न तो पढ़ने के लिए भवन है और ना ही प्रयोगशाला के लिए कमरा। इतना ही नहीं लगभग 5500 छात्रों को मात्र 8 स्थायी शिक्षक एवं 10 गेस्ट शिक्षक संभाल पा रहे हैं। महाविद्यालय में पढ़ाने के लिए मात्र पांच कमरा है।
समस्तीपुर । पूसा स्थित उमा पांडे महाविद्यालय। यहां न तो पढ़ने के लिए भवन है और ना ही प्रयोगशाला के लिए कमरा। इतना ही नहीं लगभग 5500 छात्रों को मात्र 8 स्थायी शिक्षक एवं 10 गेस्ट शिक्षक संभाल पा रहे हैं। महाविद्यालय में पढ़ाने के लिए मात्र पांच कमरा है। प्रयोगशाला कक्ष आज भी टूटे-फूटे खपरैल मकान में चल रहा है जो कि काफी जर्जर स्थिति में है। फिर भी छात्रों के नामांकन की भीड़ इतनी ज्यादा है जिसे संभालना महाविद्यालय प्रशासन की कुबत से बाहर की बात है। नए प्राचार्य के पदभार ग्रहण करने के बाद से महाविद्यालय में गेट का निर्माण छात्रावास का निर्माण सहित कंप्यूटर रूम इत्यादि बनाए जा रहे हैं। मकान सहित अन्य सुविधा मुहैया कराने को लेकर मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति से प्राचार्य ने कई बार पत्राचार किया लेकिन इसका कोई असर नहीं हो पाया। प्राचार्य के द्वारा 5500 किताब तो उपलब्ध करा दी गई लेकिन छात्रों को बैठकर रोशनी में पढ़ने की सुविधा पर्याप्त नहीं है। वहीं शिक्षकों एवं कर्मचारियों के दर्जनों पद रिक्त पड़े हुए हैं। कई विषय के तो शिक्षक वर्षों से नहीं इस संबंध में प्राचार्य डॉ राम अवधेश कुमार स्पष्ट बताने से कुछ भी इनकार करते हैं। आए दिन महाविद्यालय में पढ़ाई सहित अन्य संसाधनों को लेकर छात्र बवाल करते रहते हैं। इस कॉलेज में कुल 42 स्थाई शिक्षकों के पद हैं जिसमें मात्र 8 शिक्षक ही कार्यरत हैं वह तो गेस्ट शिक्षक पर यह महाविद्यालय किसी तरह चल रही है। खेलकूद का कोई भी साधन महाविद्यालय में उपलब्ध नहीं है। इस महाविद्यालय में इंटर से स्नातक डिग्री तक की पढ़ाई की जाती है। बीए एवं बीएससी में कुल 4000 छात्र वहीं इंटर में लगभग 14 छात्र का नामांकन इस महाविद्यालय में है। कॉलेज के स्टोर की स्थिति भी जर्जर है। महा विद्यालय में शिक्षकों की स्थिति कुछ इस प्रकार है। साइंस में फिजिक्स में स्थाई 2 पद हैं जिसमें एक कार्यरत हैं। केमिस्ट्री में 3 पद के विरुद्ध एक ही कार्यरत हैं। बॉटनी में 3 पद स्थाई हैं जो खाली पड़े हैं वहीं जूलॉजी में 3 पद हैं वह भी खाली है। गणित के 3 पद वह भी खाली हिस्ट्री के 4 पद में एक पद पर स्थाई शिक्षक हैं। पॉलीटिकल साइंस 4 पद सभी खाली इकोनॉमिक्स दो पद सभी खाली, सोशियोलॉजी मैं तीन पद है जिसमें एक पद पर शिक्षक मौजूद हैं। फिलॉस्फी 2 पद दोनों खाली होम साइंस दो पद पर एक खाली। हिदी के दो पद दोनों खाली इंग्लिश के 3 पद पर एक कार्यरत उर्दू के दो पद दोनों खाली मैथिली के दो पद पर एक कार्यरत हैं वहीं साइकोलॉजी में 2 पद पर एक शिक्षक कार्यरत हैं। वैसे ही थर्ड ग्रेड एवं फोर्थ ग्रेड में हेड क्लर्क, ऑफिस एसिस्टेंट, एलडीसी, स्टोरकीपर, नाइट गार्ड, प्रिसिपल पीओ का पद रिक्त पड़ा हुआ है। वही अन्य पदों पर भी कहीं पांच की जगह एक तो चार कि जगह एक कार्यरत है।
वर्जन
महाविद्यालय में भौतिक संसाधन व विषयवार शिक्षकों की कमी है। समस्याओं को लेकर कुलपति का ध्यानाकृष्ट कराया गया है।
डॉ. राम अवधेश कुमार, प्राचार्य ----------------
महाविद्यालय में शिक्षक तथा कर्मियों को कमी से छात्र-छात्राओं को परेशानी है। इसके बावजूद शिक्षक छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक गतिविधि तथा हरसंभव सुविधा देने के लिए प्रयासरत हैं।
अरुणा कुमारी, शिक्षिका, समाजशास्त्र -------------
महाविद्यालय में सभी विषयों के शिक्षक के नहीं रहने से कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। लेकिन सभी शिक्षक आपसी सहयोग से शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए तत्पर है।
डॉ. नीलम कुमारी, शिक्षिका
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