Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Bijli Chori: बिजली चोरी रोकने के लिए विद्युत विभाग का प्लान तैयार, चोरों का बचना होगा मुश्किल

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 01:47 PM (IST)

    समस्तीपुर जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर लगाने की पहल की है। शहरी क्षेत्रों में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जिससे खपत और बिलिंग के अंतर का पता चलेगा। डीटी मीटर से ट्रांसफार्मर के ओवरलोड की जानकारी मिलेगी और बिजली चोरी पर लगाम लगेगी जिससे विभाग को हो रहे नुकसान को कम किया जा सकेगा।

    Hero Image
    विद्युत चोरी रोकने के लिए ट्रांसफार्मरों पर लगेगा डीटी मीटर

    जागरण संवाददाता, समस्तीपुर। जिले में बिजली चोरी और तकनीकी घाटे को कम करने के लिए नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने बड़ी पहल की है। अब जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के सभी ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर मीटर) लगाए जा रहे हैं। यह मीटर न केवल बिजली चोरी की निगरानी करेगा, बल्कि बिजली खपत और आपूर्ति का वास्तविक आंकड़ा भी उपलब्ध कराएगा।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    शहरों में शुरू हुई प्रक्रिया, गांवों में भी होगी शुरुआत

    शहरी क्षेत्र में डीटी मीटर लगाने की प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है। विभाग की योजना है कि जिले के हर ट्रांसफार्मर को डिजिटल रूप से जोड़ा जाए।

    डीटी मीटर से प्रत्येक ट्रांसफार्मर से जुड़े कनेक्शन की खपत और बिलिंग का अंतर तुरंत सामने आएगा। इससे चोरी की पहचान आसान होगी और संबंधित इलाके में छापेमारी कर कार्रवाई की जाएगी।

    तकनीक से चोरी पर लगेगी लगाम

    डीटी मीटर में लगा पावर मैग्नेटिक चिप और सेंसर खपत का सही आंकड़ा विभाग को उपलब्ध कराता है। इस मीटर से होकर ही इलाके में बिजली की आपूर्ति होगी, जिससे एक-एक यूनिट की जानकारी दर्ज होगी।

    ट्रांसफार्मर के ओवरलोड होने की स्थिति भी इसमें साफ नजर आएगी। इससे ट्रांसफार्मर का मेंटेनेंस आसान होगा और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी का त्वरित समाधान किया जा सकेगा।

    वर्तमान में समस्तीपुर विद्युत प्रमंडल के 2997 ट्रांसफार्मरों में से 2441 पर डीटी मीटर लग चुका है। रोसड़ा प्रमंडल के 1614 ट्रांसफार्मरों में से 664 पर यह मीटर लगाया गया है।

    वहीं दलसिंहसराय प्रमंडल में 1992 में से 1906 ट्रांसफार्मरों पर डीटी मीटर स्थापित कर दिया गया है। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अधिकांश क्षेत्रों में काम तेजी से चल रहा है और आने वाले दिनों में शत-प्रतिशत ट्रांसफार्मरों को इस तकनीक से लैस कर दिया जाएगा।

    चोरी से हो रहा भारी नुकसान

    विद्युत विभाग के मुताबिक वर्तमान में खपत का लगभग 27 प्रतिशत बिजली चोरी हो रही है। इसके कारण विभाग को हर माह करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। विभागीय आंकड़े बताते हैं कि समस्तीपुर जिले में प्रतिमाह औसतन 112 चोरी के मामले दर्ज हो रहे हैं। डीटी मीटर लगने के बाद खपत और बिलिंग में असमानता वाले क्षेत्रों को तुरंत चिन्हित कर कार्रवाई संभव होगी।

    विभाग की योजना है कि सभी ट्रांसफार्मरों को डिजिटल रूप से जोड़कर एक केंद्रीय नियंत्रण प्रणाली से जोड़ा जाए। इसके तहत स्मार्ट ग्रिड सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव भी है। ऐसा होने पर न केवल बिजली चोरी और घाटा नियंत्रण संभव होगा, बल्कि बिजली वितरण व्यवस्था भी और अधिक पारदर्शी तथा सुदृढ़ हो जाएगी। आनंद कुमार, कार्यपालक अभियंता समस्तीपुर