दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर स्टेशन को मिली नई पहचान, अब एनएसजी-2 की सूची में शामिल
समस्तीपुर रेल मंडल में मुजफ्फरपुर स्टेशन को एनएसजी-2 श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे इस श्रेणी में अब तीन स्टेशन हो गए हैं। अन्य स्टेशनों को भी उनकी सालाना आय और यात्रियों की संख्या के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। सबसे अधिक स्टेशन एनएसजी-6 श्रेणी में हैं, जहां यात्रियों की संख्या कम होती है।

समस्तीपुर रेलमंडल मुख्यालय । जागरण
मनीष कुमार, समस्तीपुर। समस्तीपुर रेल मंडल की नई सूची में मुजफ्फरपुर स्टेशन के शामिल होने के बाद अब मंडल में एनएसजी-2 श्रेणी के तीन स्टेशन हो गए हैं। इसमें दरभंगा, समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर को शामिल किया गया है। इसके अलावा सहरसा, मोतिहारी, जयनगर, रक्सौल सहित नौ स्टेशन एनएसजी-3 श्रेणी में रखे गए हैं।
सुगौली, बनमनखी, बैरगनिया और चकिया को एनएसजी-4, जबकि लहेरियासराय, सलोना, रूसेड़ा घाट और हसनपुर रोड को एनएसजी-5 श्रेणी में शामिल किया गया है। मंडल में एनएसजी-1 श्रेणी का कोई स्टेशन नहीं है। कुल 220 स्टेशनों में सबसे अधिक 110 स्टेशन एनएसजी-6 श्रेणी में हैं। दिलचस्प तथ्य यह है कि समस्तीपुर रेल मंडल में अब भी एनएसजी-1 श्रेणी का कोई भी स्टेशन नहीं है।
यह श्रेणी उन स्टेशनों को मिलती है जहां यात्रियों की संख्या सालाना 20 मिलियन से अधिक हो जाती है। रेलवे द्वारा स्टेशन का श्रेणीकरण यात्रियों की सालाना संख्या और आय के आधार पर किया जाता है। नई सूची में समस्तीपुर मंडल के कई अन्य प्रमुख स्टेशनों की स्थिति भी निर्धारित की गई है।
एनएसजी-3 श्रेणी में सहरसा, बापूधाम मोतिहारी, जयनगर, सकरी, रक्सौल, बेतिया, मधुबनी, नरकटियागंज और सीतामढ़ी को शामिल किया गया है। यह श्रेणी उन स्टेशनों को दी जाती है जहां सालाना यात्रियों की संख्या 5 से 10 मिलियन के बीच होती है।
इन स्टेशनों का क्षेत्रीय यातायात और जिले की आवाजाही में बड़ा योगदान है, इसलिए रेलवे इनके विकास और यात्री सुविधाओं को बढ़ाने पर लगातार ध्यान देता है। एनएसजी-4 श्रेणी में सुगौली, बनमनखी, बैरगनिया और चकिया स्टेशन को शामिल किया गया हैं।
रेलवे मानकों के अनुसार, दो से पांच मिलियन यात्रियों वाले स्टेशनों को इस श्रेणी में रखा जाता है। जिन इलाकों में इन स्टेशनों की पहुंच है, वहा स्थानीय व्यापार और यात्रियों की गतिविधियां काफी सक्रिय रहती हैं। वहीं लहेरियासराय, सलोना, रुसेरा घाट और हसनपुर रोड स्टेशन को एनएसजी-5 श्रेणी में शामिल किया गया है, जिसमें एक से दो मिलियन यात्रियों वाले स्टेशन आते हैं।
एनएसजी-6 श्रेणी में 110 रेलवे स्टेशन
समस्तीपुर रेल मंडल में कुल 220 स्टेशन हैं, जिनमें से सबसे अधिक 110 स्टेशन एनएसजी-6 श्रेणी में रखे गए हैं। यह श्रेणी उन छोटे स्टेशनों को दी जाती है जहां सालाना आउटवार्ड यात्रियों की संख्या एक मिलियन से कम होती है। इसके अलावा 52 स्टेशन एचजी-3 और 20 स्टेशन एचजी-2 श्रेणी में रखे गए हैं।

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