अधिकारियों की मनमानी से परेशान हुईं आंगनबाड़ी सेविकाएं, संघ ने सौंपा ज्ञापन
सत्तरकटैया आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका संघ ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। सेविकाओं ने कार्य प्रणाली में अनियमितताओं और अधिकारी की मनमानी पर नाराजगी जताई। सेविकाओं ने एफआरएस ई-केवाईसी में दिक्कतों लंबित गैस सिलेंडर राशि चावल वितरण में मनमानी और अमानवीय व्यवहार की शिकायत की। अवैध सहयोगियों को हटाने की मांग की और मांगे पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।

संवाद सूत्र, सत्तरकटैया (सहरसा)। सत्तरकटैया प्रखंड आंगनबाड़ी सेविका - सहायिका संघ ने बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्य प्रणाली में व्याप्त अनियमितताओं और अधिकारी की मनमानी पर गहरी नाराजगी जताई है।
संघ ने कहा है कि सेविकाएं लगातार उत्पीड़न का शिकार हो रही हैं , जबकि उनके कार्य निष्पादन में सहयोग देने की बजाय बाधाएं खड़ी की जा रही हैं। सत्तर में आयोजित प्रखंड आंगनबाड़ी सेविका - सहायिका संघ की बैठक में सेविकाओं ने सामूहिक रूप से कई गंभीर समस्याओं को रखा।
बैठक में लिए गए निर्णय से जुड़े संघ के अध्यक्ष नूतन कुमारी एवं सचिव सुशीला कुमारी के संयुक्त हस्ताक्षर युक्त ज्ञापन सीडीपीओ को सौंपा। सीडीपीओ को सौंपे ज्ञापन में सेविकाओं ने कहा है कि एफआरएस और ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान बार-बार आ रही तकनीकी दिक्कतों के बावजूद अधिकारी जबरन दबाव बना रहे हैं, जबकि मोबाइल और रिचार्ज जैसी बुनियादी सुविधा तक मुहैया नहीं कराई जा रही है।
सेविकाओं ने जुलाई-अगस्त 2025 के गैस सिलेंडर की लंबित राशि, एफसीआई गोदाम से चावल आपूर्ति में कर्मियों की मनमानी, कार्यालय दिवस पर पानी की व्यवस्था का अभाव और सेविकाओं के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार जैसी गंभीर शिकायतें भी दर्ज कीं।
संघ ने यह भी आरोप लगाया कि कार्यालय में सेविकाओं के पति को अवैध रूप से सहयोगी के रूप में रखा गया है, जबकि यह नियम विरुद्ध है। संघ ने मांग की है कि उन्हें तुरंत हटाया जाए और कार्यालय का कार्य केवल अधिकृत कर्मियों से ही कराया जाए।
सेविकाओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो बाध्य हो आंदोलनात्मक कदम उठाया जाएगा।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।