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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 31, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीन दशक की निष्ठा का मिला फल, अशोक पांडेय बने राजद के एमएलसी प्रत्याशी

By JagranEdited By:
Published: Tue, 31 May 2022 11:30 PM (IST)

प्रखंड क्षेत्र के मिल्की गांव निवासी रामबचन पांडेय के पुत्र अशोक कुमार पांडेय को राष्ट्रीय जनता दल द्वारा विधान परिषद ...और पढ़ें

तीन दशक की निष्ठा का मिला फल, अशोक पांडेय बने राजद के एमएलसी प्रत्याशी
तीन दशक की निष्ठा का मिला फल, अशोक पांडेय बने राजद के एमएलसी प्रत्याशी

दिनारा/नटवार (रोहतास) । प्रखंड क्षेत्र के मिल्की गांव निवासी रामबचन पांडेय के पुत्र अशोक कुमार पांडेय को राष्ट्रीय जनता दल द्वारा विधान परिषद के लिए प्रत्याशी बनाए जाने पर क्षेत्र के लोगों ने बधाई दी है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लालू प्रसाद ने राजद के एक सच्चे सिपाही को उनकी सेवा का फल दिया है।

बताते चलें कि अशोक पांडेय मिल्की निवासी रामबचन पांडेय के इकलौता पुत्र हैं। रामबचन पांडेय का करीब तीन दशक से राजद व लालू प्रसाद से पारिवारिक संबंध रहा है। पहली बार जब लालू प्रसाद मुख्यमंत्री बने थे, तब दिनारा राइस मिल में आयोजित एक कार्यक्रम में रामबचन पांडेय उन्हें चांदी का मुकुट भेंट कर सुर्खियों में आए थे। वे जब भी क्षेत्र में किसी कार्यक्रम में आते थे, रामबचन पांडेय को खोजते रहे हैं। इसके चलते पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता रामबचन पांडेय को लालू यादव का हनुमान कहते हैं। वे गत तीन दशक में एक सामान्य कार्यकर्ता से पार्टी के प्रदेश महासचिव व उपाध्यक्ष पद तक पर रह चुके हैं। कार्यकर्ताओं के अनुसार लालू प्रसाद के अच्छे- बुरे दिनों में उन्होंने कभी साथ नहीं छोड़ा। इसके फल के रूप में अशोक पांडेय को विधान परिषद का टिकट मिला है। गत विधानसभा चुनाव में करहगर विधानसभा से रामबचन पांडेय को टिकट मिलने की चर्चा थी, लेकिन अंतिम समय में यह कांग्रेस के खाते में चली गई। रामबचन पांडे ने बताया कि लालू-राबड़ी जी का शुरू से ही उन पर असीम स्नेह रहा है। उन्हीं लोगों के आशीर्वाद व तेजस्वी की सहमति से उनके पुत्र को विधान परिषद टिकट मिला है।