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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाल विवाह व शोषण पर अंकुश में अब आशा भी बनेंगी सहभागी

By JagranEdited By:
Published: Mon, 06 Dec 2021 08:37 PM (IST)

बाल विवाह बाल श्रम व बच्चों के शोषण पर अंकुश में आशा कार्यकर्ताओं की भी अहम भूमिका हो इसको लेकर ...और पढ़ें

बाल विवाह व शोषण पर अंकुश में अब आशा भी बनेंगी सहभागी
बाल विवाह व शोषण पर अंकुश में अब आशा भी बनेंगी सहभागी

जागरण संवाददाता, पूर्णिया। बाल विवाह, बाल श्रम व बच्चों के शोषण पर अंकुश में आशा कार्यकर्ताओं की भी अहम भूमिका हो, इसको लेकर चाइल्ड लाइन के सौजन्य से पहल की जा रही है। इसको लेकर सोमवार को टीचर ट्रेनिग कॉलेज श्रीनगर परिसर में आशा कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर उन्हें जागरूक किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बीसीएम धर्मेंद्र कुमार ने कही। बैठक को संबोधित करते हुए चाइल्उ लाइन के मयूरेश गौरव ने बताया कि जागरूकता के मामले में श्रीनगर प्रखंड अन्य प्रखंडों से काफी पीछे है। इस वजह से इस क्षेत्र में बाल विवाह, बाल श्रम और बच्चों के शोषण का मामला ज्यादा सामने आता है। इसके रोकथाम के लिए जागरूक होने की आवश्यकता है। बच्चों से संबंधित किसी भी प्रकार की घटना को लेकर चाइल्ड लाइन के टाल फ्री नंबर 1098 पर सूचना देकर उसकी मदद आशा कार्यकर्ता कर सकते है। वहीं बिहार सरकार द्वारा बच्चों के लिए चलाई जा रही परवरिश योजना की भी उन्होंने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा अनाथ और बेसहारा है और वह अपने नाना, दादा, चाचा व मामा आदि के यहां रहकर पढ़ाई कर रहा है तो ऐसे बच्चों को अठारह वर्ष से एक हजार रूपये प्रति माह सरकार देगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीनगर के बीसीएम धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि बच्चों की किसी भी समस्या की जानकारी ज्यादा से ज्यादा चाइल्ड लाइन के 1098 पर दे। इससे समय रहते उस बच्चे को मदद पहुंचाया जा सकता है। इस मौके पर चाइल्ड लाइन के,दीपक कुमार सहित काफी संख्या में आशा कार्यकर्ता मौजूद थी।

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