MLC Election: कोसी में 'किंगमेकर' बनेंगे पप्पू यादव? कांग्रेस की एंट्री से फंसा पेंच, RJD की बढ़ी टेंशन
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव में कांग्रेस की दावेदारी ने राजद के लिए चुनौती खड़ी कर दी है, जिससे भाजपा उत्साहित दिख रही है।

कोसी में 'किंगमेकर' बनेंगे पप्पू यादव? कांग्रेस की एंट्री से फंसा पेंच, RJD की बढ़ी टेंशन
HighLights
कांग्रेस की दावेदारी से राजद के लिए अग्निपरीक्षा, भाजपा उत्साहित।
सांसद पप्पू यादव कांग्रेस प्रत्याशी के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर बनेंगे।
जन सुराज पार्टी का भी इस चुनाव में होगा लिटमस टेस्ट।
प्रकाश वत्स, पूर्णिया। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र चुनाव को लेकर राजनीतिक बयार का रंग गत विधानसभा चुनाव से अलग है। विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम के चलते सीमांचल में कांग्रेस व राजद को बड़ा नुकसान उठाना पड़ा था।
विधान पार्षद चुनाव का रंग भले ही विधानसभा चुनाव से अलग होता है, लेकिन वोटों का समीकरण लगभग उसी अंदाज में साधा जाता है। अब यहां कांग्रेस की भी दावेदारी से राजद की अग्निपरीक्षा तय हो गई है।
इससे भाजपा निश्चित रूप से थोड़ी उत्साहित है। वोटों का गणित भाजपा को उत्साहित कर रहा है। इधर, जन सुराज पार्टी भी इस बार मैदान में है और उसका भी लिटमस टेस्ट इस चुनाव में होगा।
कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में सांसद समर्थकों की भीड़
भाजपा, राजद व जनसुराज के प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। कांग्रेस प्रत्याशी मनोज कुमार जायसवाल ने भी नामांकन दाखिल कर दिया है। इसमें सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के समर्थकों का भी जुटान रहा।
कांग्रेस ने यहां से अररिया निवासी मनोज कुमार जायसवाल को अपना उम्मीदवार बनाया है। कोशिश पारंपरिक वोट बैंक के साथ भाजपा के कोर वोट में सेंधमारी करने की भी है। साथ ही सीमांचल में प्रभावी दिखने की कोशिश भी है।
राजद ने यहां खगड़िया निवासी नीतेश कुमार यादव को मैदान में उतारा है। मकसद साफ है, कोर वोटिंग में सेंधमारी रोकना। भाजपा प्रत्याशी के रूप में डॉ. एन. के. यादव इस बार भी मैदान में हैं। वे दो बार मैदान मार चुके हैं और इस बार हैट्रिक की कोशिश में हैं।
जनसुराज ने डॉ. रजनीश को मैदान में उतारा है और वे सहरसा के रहने वाले हैं। भाजपा को महागठबंधन के पारंपरिक वोट बैंक में बिखराव से अनुकूल स्थिति बनने की उम्मीद है।
यद्यपि भाजपा सहित कांग्रेस व राजद की राह में जनसुराज रोड़ा अटकाने की कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगा। बहुत कुछ पूर्व सांसद उदय सिंह की सक्रियता पर टिका रहेगा।
सांसद पप्पू यादव भी बनेंगे फैक्टर
राजनीतिक गणित में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव भी कांग्रेस व राजद के बीच बड़ा फैक्टर बनेंगे। सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की कांग्रेस से करीबी रही है।
विधिवत वे भले ही पार्टी में शामिल नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस के पक्ष में खड़े रहे हैं। लोकसभा चुनाव में भी निर्दलीय मैदान में रहते हुए उन्होंने कांग्रेस का झंडा थामे रखा था। बाद में लगातार वे कांग्रेस नेता राहुल गांधी व प्रियंका गांधी के साथ रहे हैं।
ऐसे में महागठबंधन के पारंपरिक वोट में कोई सेंधमारी न हो, इसके लिए वे पूरी ताकत झोंकेंगे। इसके अलावा अन्य दलों के वोट बैंक में भी सेंधमारी कर वे कांग्रेस प्रत्याशी की नैया पार कराने की कोशिश करेंगे। इसका संकेत कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में सांसद समर्थकों की सक्रियता भी है।
