Bihar Chunav: लोकसभा चुनाव में RJD के पेंच में चित हुई थी कांग्रेस, अबकी दिल मांगे मोर...
लोकसभा चुनाव में पूर्णिया सीट गंवाने के बाद कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगी है। महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर पार्टी RJD पर दबाव बनाने की तैयारी कर रही है। राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा की सफलता से जिला कमेटी उत्साहित है और आलाकमान पर ज्यादा सीटों के लिए दबाव बनाने की तैयारी में है।

प्रकाश वत्स, पूर्णिया। अगर लोकसभा चुनाव में पूर्णिया सीट पर अंत समय में राजद अपनी दावेदारी पेश नहीं करती तो सीमांचल के चार में से तीन सीटों पर कांग्रेस का कब्जा होता। यह कसक पार्टी को जरुर रही।
जिला कमेटी में निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के शामिल होने पर एक धरा नाखुश जरुर था, लेकिन सीट गंवाने का मलाल सभी को रहा। सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव चुनाव से ठीक पूर्व ही कांग्रेस में शामिल हुए थे और बेटिकट होने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़े थे।
लोकसभा चुनाव में राजद के इस पेंच से चित हुई कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपनी दावेदारी में सेंध रोकने व इसे और बढ़ाने की खातिर पहले से शोर तेज कर दी है।
सदर, कसबा व अमौर से लड़ी थी कांग्रेस
महागठबंधन में जिले की सात विधानसभा क्षेत्र में सीट के लिहाज से कांग्रेस व राजद बराबर पर है। अगर चुनाव परिणाम को आधार बनाया जाए तो कांग्रेस मजबूत है। कसबा से कांग्रेस के अफाक आलम तीसरी जीत दर्ज कर चुके हैं। अमौर व सदर में कांग्रेस चुनाव हार गई थी।
राजद ने यहां चार सीट क्रमश: धमदाहा, रुपौली, बायसी व बनमनखी से चुनाव लड़ा था और चारों सीट पर पार्टी के हिस्से हार ही रही थी। बाद में बायसी सीट से जीते ओवैसी की पार्टी के विधायक सैयद रुकनुद्दीन को राजद ने अपनी पार्टी में शामिल कर लिया था।
इधर कांग्रेस की जिला कमेटी गत चुनाव में भी पूर्णिया में राजद की अपेक्षा ज्यादा सीट का शोर मचायी थी, लेकिन परिणाम सिफर रहा था। इस बार भी जिला कमेटी इस बात को रखेगी और आलाकमान पर पूर्णिया में सीट बढ़ाने का तय प्रक्रिया के तहत दबाव भी बनाएगी।
प्रशस्ति पत्र मिलने से उत्साहित है जिला कमेटी
पार्टी नेता राहुल गांधी की वोटर अधिकार यात्रा का कार्यक्रम पूर्णिया में अपेक्षा से भी बढ़कर सफल रही। सीमांचल के अन्य जिलों के अनुपात में पार्टी की राष्ट्रीय कमेटी ने इसे बेहतर माना है और इस चलते जिला कमेटी को विशेष प्रशस्ति पत्र भी मिला है। यह स्थिति जिला कमेटी के लिए उत्साहजनक भी है।
जिलाध्यक्ष विजेंद्र यादव बताते हैं कि यहां का कार्यक्रम ऐतिहासिक रहा। निश्चित रुप से यह कांग्रेस की मजबूत जमीन का भी परिचायक है। पार्टी में अलाकमान के स्तर पर चार सितंबर तक सीटों का बंटवारा होगा।
तत्पश्चात क्षेत्रवार पार्टी के स्तर से सीट की संख्या तय की जाएगी। निश्चित रुप से इसके लिए जिला कमेटी का फीडबैक ही बड़ा आधार बनेगा। इसमें निश्चित रुप से उनलोगों की अधिक सीटों पर दावेदारी रहेगी।
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