पटना, बिहार ऑनलाइन डेस्‍क। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Election 2021) के दौरान कानून-व्‍यवस्‍था (Law and Order) कायम रखने की अहम जिम्‍मेदारी बिहार के एक आइपीएस अधिकारी को दी गई है। विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग (Election Commission of India) ने राज्य के पुलिस महानिदेशक वीरेंद्र (DGP Virendra) को उनके पद से हटा कर नीरज नयन पांडेय (IPS Niraj Nayan Pandey) को नया डीजीपी बना दिया है। वे पश्चिम बंगाल कैडर के 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं। उनके पश्चिम बंगाल डीजीपी बनाए जाने की खबर समाने आने के बाद छपरा स्थित पैतृक गांव में खुशी की लहर देखी जा रही है।

निष्पक्ष चुनाव कराने की अहम जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल में इस बार आठ चरणों में मतदान होने जा रहा है। आगामी 27 मार्च को पहले चरण का मतदान है। मतदान के ठीक पहले चुनाव आयोग ने चुनाव कालमें अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए उन्‍हें राज्‍य का डीजीपी बना दिया है। उनपर पश्चिम बंगाल में निष्‍पक्ष व शांतिपूर्ण चुनाव कराने की अहम जिम्‍मेदारी है। वर्तमान में वे डीजी प्रशासनिक पद पर कार्यरत हैं।

1987 बैच के आइपीएस अधिकारी हैं नीरज

1987 बैच के आइपीएस अधिकारी नीरज नयन पांडेय केंद्र सरकार और ममता बनर्जी के बीच बीते दिनों हुए मतभेद के दारान चर्चा में आए थे। नीरज नयन समेत तीन अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाना था, लेकिन केंद्र व राज्‍य के टकराव के कारण यह नहीं हो पाया।

वीरेंद्र के समय हुआ था नड्डा पर पथराव

विदित हो कि चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी के अध्‍यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर पथराव के समय डीजीपी वीरेंद्र ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। तब उनकी आलोचना की गई थी।

आइपीएस नीरज के गांव में खुशी की लहर

बहरहाल, आइपीएस नीरज नयन के पश्चिम बंगाल का डीजीपी बनने पर बिहार के छपरा स्थित मांझी के उनके पैतृक गांव शीतलपुर में खुशी का माहौल है। वे इस गांव के कपिल पांडे के बेटे हैं। उनके डीजीपी बनने पर शीतलपुर गांव के पूर्व मुखिया कमलेश द्विवेदी सहित कई स्‍थानीय ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है।

Edited By: Amit Alok