जागरण संवाददाता, पटना: हिंदू धर्म में शादियां मुहूर्त देख कर होती हैं। बिना मुहूर्त देखे शादियां नहीं होतीं। वर्ष 2021 की बात करें शादी के 72 मुहूर्त थे लेकिन साल 2022 में शादी के कई शुभ मुहूर्त हैं। जनवरी माह से लेकर दिसंबर तक शादी के लगभग 90 से अधिक मुहूर्त हैं। वर्ष 2022 में जनवरी माह से कोरोना संक्रमण का प्रभाव बढ़ा है, जिसकी वजह से कई शादियां शुभ मुहूर्त होने के बावजूद नहीं हो सकीं। लोगों ने शादियों की तिथि को संक्रमण के कारण बदला है। कोरोना से राहत मिले तो इस साल जमकर शहनाई बजेगी। ज्योतिषाचार्य पीके युग ने ज्योतिष पंचांग के आधार पर बताया कि इस वर्ष दिन और रात में भी कई शादी के शुभ मुहूर्त हैं।

खरमास के कारण लगेगा विराम 
ज्योतिषाचार्यो की मानें तो 14 मार्च से 14 अप्रैल तक सूर्य का मीन राशि में गमन होगा। इस दौरान खरमास लगेगा। खरमास के कारण शादी-विवाह पर विराम लगेगा। जिसके कारण मार्च और अप्रैल माह में शादी नहीं होगी। वहीं 11 जुलाई से भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाएंगे, जिसे देवशयनी एकादशी के रूप में जाना जाता है। 11 जुलाई से लेकर 23 नवंबर के बीच शादियों का कोई मुहूर्त नहीं है। वहीं 24 नवंबर को देवोत्थान एकादशी के बाद से शादी-ब्याह व अन्य मांगलिक कार्य आरंभ हो जाएगा। 24 नवंबर से 16 दिसंबर तक शादी-विवाह का सिलसिला चलता रहेगा। वहीं अगस्त, सितंबर व अक्टूबर में चतुर्मास के कारण कोई लग्न नहीं है।
  • जनवरी - 20, 21,22,23,24,25,26,27,28,29
  • फरवरी - 4,5,6,9,10,16,17,18,19
  • अप्रैल - 15,16,17,18,19,20,21,22,23,27
  • मई - 2,3,4,9,10,11,12,13,14,15,17,18,19,20,21,24,25,26,31
  • जून - 1,5,6,7,8,9,10,11,12,13,14,15,16,17,21,22,23
  • जुलाई - 2,3,4,5,6,7,8,9,10
  • नवंबर - 24,25,26,27,28,29
  • दिसंबर - 2,3,4,7,8,9,13,14,15,16
50 लोग ही शादी में हो सकते हैं शामिल
कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए बिहार में शादी-विवाह व श्राद्धकर्म को लेकर सरकार ने गाइडलाइन जारी की है। शादी में स्टाफ के साथ केवल 50 लोग ही शामिल हो सकते हैं। वहीं आयोजन से पूर्व थाने में सूचना भी देने का प्राविधान है। शादी के दौरान कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए मास्क लगाने के साथ शारीरिक दूरी बनाए रखना जरूरी है।

Edited By: Akshay Pandey