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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हाजीपुर में डेयरी फैक्ट्री में गैस लीक: जितने फायदे उतनी ही खतरनाक है Ammonia; जानें इससे बचने के उपाय

By Aditi ChoudharyEdited By: Aditi Choudhary
Published: Sun, 25 Jun 2023 10:35 AM (IST)

डेयरी कंपनी के फैक्ट्रियों में अमोनिया गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। हाजीपुर में इसके रिसाव की यह ...और पढ़ें

डेयरी फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से हाजीपुर में हड़कंप, घर छोड़ बाहर भागे लोग; एक मजदूर की मौत
डेयरी फैक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव से हाजीपुर में हड़कंप, घर छोड़ बाहर भागे लोग; एक मजदूर की मौत

हाजीपुर, जागरण डिजिटल डेस्क। वैशाली जिले के हाजीपुर स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में डेयरी कपंनी राज फ्रेश की फैक्ट्री में शनिवार देर रात अमोनिया गैस रिसाव से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि 39 लोग बेहोश हो गए। एक की गंभीर हालत को देखते हुए दरभंगा के डीएमसीएच रेफर किया गया है। वहीं, दो लोग हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती हैं।

फैक्ट्रियों में अमोनिया गैस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। इसके रिसाव की यह कोई पहली घटना नहीं है।इससे पहले भी कई जगहों पर अमोनिया गैस लीक से लोगों ने अपनी जिंदगी गंवाई है। आइए आज हम आपको बताते हैं कि अमोनिया गैस होती क्या है। इसका इस्तेमाल कहां-कहां किया जाता है और इसके संपर्क में आने से क्या सावधानियां बरती जा सकती हैं।

अमोनिया क्या है और इसके उपयोग

अमोनिया एक तीखी गंध वाली रंगहीन और हल्की गैस होती है। विज्ञान की भाषा में इसे एनएच3 (NH3) भी कहा जाता है। यह गैस पानी के साथ तेजी से क्रिया करती है। अमोनिया का सबसे ज्यादा उपयोग रासायनिक खादों के निर्माण के लिए किया जाता है। दुनिया का 80 प्रतिशत अमोनिया खाद के निर्माण में ही लग जाता है।

डेयरी कंपनियों में अमोनिया का इस्तेमाल

इसे मुख्य रूप से यूरिया, अमोनियम फॉस्फेट, अमोनियम सल्फेट, अमोनियम नाइट्रेट और सोडियम कार्बोनेट आदि बनाने में इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा डेयरी या फूड उत्पादक कंपनियों के कारखाने में अमोनिया का इस्तेमाल ठंडा करने वाले पदार्थ के रूप में भी किया जाता है। कपड़ों में तेल, ग्रीस आदि के दाग छुटाने के लिए अमोनिया एक बेहतक विकल्प के तौर पर जाना जाता है।

ज्यादा सूंघने पर जा सकती है जान

वैसे तो अमोनिया सामान्य तौर पर नुकसानदायक नहीं होती, लेकिन थोड़ी ज्यादा मात्रा में इसे सूंघ लिया जाए तो जान तक जा सकती है। हवा में अमोनिया का स्तर मात्रा से अधिक बढ़ जाने पर बैचेनी और घुटन का एहसास होने लगता है। इसकी ज्यादा मात्रा होना गले, नाक और सांस की नली में जलने का कारण बन जाती है। अमोनिया गैस के लगातार संपर्क में रहने पर त्वचा में जलन, आंख में स्थायी क्षति या अंधापन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

अमोनिया रिसाव में बरतें ये सावधानी

अमोनिया गैस का सबसे आसान तोड़ पानी है। अमोनिया पानी में तेजी से घुलने वाला पदार्थ है। यही कारण है कि इसके प्रसार को रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया जाता है। लीक के दौरान इसके संपर्क में आने पर आंख और चेहरे को काफी मात्रा में पानी से धोना चाहिए, क्योंकि धोने से यह घुलकर शरीर से अलग हो जाता है और प्रतिक्रिया कम देता है। इससे जलन कम हो जाती है।